रामपुर। पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां को वक्फ न्यायाधिकरण से राहत मिली है। वक्फ न्यायाधिकरण की ओर से पिछले साल दिसंबर में जारी किया गया आदेश नवेद मियां को प्राप्त हुआ है। जिसमें नवेद मियां द्वारा वक्फ न्यायाधिकरण में दायर किए वाद के आधार पर विपक्षीगण को औकाफ की संपत्तियों को खुर्दबुर्द या ध्वस्तीकरण करने पर रोक लगाई गई है।
नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि पिछली समाजवादी पार्टी की सरकार में बनाई गई कमेटी अब शिया औकाफ की संपत्तियों को न तो खुर्दबुर्द कर सकेगी और न ही किसी प्रकार का नुकसान पहुंचा सकेगी। इस संबंध में उत्तर प्रदेश वक्फ न्यायाधिकरण ने आदेश जारी कर सपा शासन में पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां को शिया औकाफ के मुतवल्ली पद से हटाकर बनाई गई कमेटी को इन सभी कार्यों से रोक दिया है।
उत्तर प्रदेश वक्फ न्यायाधिकरण ने 29 दिसंबर 2020 को इस संबंध में आदेश जारी किया था। इसकी प्रति मंगलवार को नवेद मियां के अधिवक्ता के माध्यम से प्राप्त हुई है। इसमें उनके विपक्ष यानि पूर्व की कमेटी को शिया वक्फ की संपत्तियां खुर्दबुर्द करने, किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाने और ध्वस्तीकरण करने से निषेध कर दिया है। नवेद मियां के प्रवक्ता काशिफ खां ने बताया कि शिया औकाफ में कर्बला शरीफ, वक्फ बहू बेगम साहिबा, वक्फ नवाब मोहम्मद सईद खां, वक्फ मेहंदी अली खां, अब्बास मार्केट, वक्फ मकाबिरुल मोमेनीन, वक्फ इमामबाड़ा किला और वक्फ हुसैनी सराय शामिल हैं।