केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि दादरी की घटना के लिए यूपी सरकार जिम्मेदार है। प्रदेश सरकार वहां पर सुरक्षा देने में नाकाम रही, जिससे दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है। इस तरह की घटना पर सियासत नहीं होनी चाहिए, लेकिन कुछ लोगों ने इसे पॉलिटिकल टूरिज्म बना दिया।
रामपुर में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान नकवी ने कहा कि प्रदेश में आपातकाल से भी बुरी स्थिति है। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती कह रही हैं कि यूपी में जंगलराज है। जब प्रदेश में बसपा का शासन था तो कौन सा मंगलराज था? इन दोनों पार्टियों में एक सेर है तो दूसरा सवा सेर। राज्य के लोग इन दोनों पार्टियों का सफाया चाहते हैं।
नकवी ने कहा कि बिहार विधानसभा के चुनाव भाजपा का मुकाबला किसी राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि शैतान से है। शैतान का मतलब भ्रष्टाचार, बेईमानी और गुंडागर्दी है। बिहार में पूरी तरह से बदलाव का माहौल है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में अल्पसंख्यक दुनिया के किसी भी देश के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित हैं।
यहां पर उनके संवैधानिक, सामाजिक और आर्थिक सरोकार पूरी तरह से सुरक्षित हैं। अगर यहां अल्पसंख्यकों के नाम पर होने वाली सियासत बंद हो जाए तो उनके मन से खौफ भी समाप्त हो जाएगा। मुंबई में शिवसेना की धमकी की वजह से पाकिस्तानी गायक गुलाम अली का कार्यक्रम रद कर दिए जाने के मुद्दे पर नकवी ने कहा कि सुर और संगीत पर सियासत नहीं होनी चाहिए।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने तो गुलाम अली के कार्यक्रम के लिए पूरी सुरक्षा देने का वादा किया था। आयोजक ही भाग गए। भाजपा विधायक संगीत सोम पर मीट कंपनी में डायरेक्टर होने और जमीन की खरीद में हेराफेरी करने के आरोप लगने के सवाल पर नकवी ने कहा कि अभी ये सिर्फ आरोप हैं। राजनीतिक आरोप से किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। जांच रिपोर्ट आ जाएगी तो कुछ कहा जा सकेगा।