रामपुर। गोवत्स श्री राधा कृष्ण महाराज ने कहा कि भगवान जगन्नाथ धन नहीं, सिर्फ भाव के भूखे हैं। इनकी कृपा मात्र से ही मनुष्य भव सागर से पार हो सकता है। जगन्नाथ रस कथा में देर तक श्रद्धालु भक्तिभाव में खोए रहे।
कोसी मार्ग स्थित उत्सव पैलेस में श्री जगन्नाथ रस कथा महोत्सव का सोमवार को दूसरा दिन था। गोवत्स श्री राधा कृष्ण महाराज ने जगन्नाथ महाप्रभु के संकीर्तन से कथा प्रारंभ की। उन्होंने कहा कि एक बार तुलसीदास पुरी ठाकुर जी के दर्शन करने आए। उन्होंने देखा ये कैसे ठाकुर है, जिनके न तो हाथ हैं और न ही पैर हैं, ये चलते कैसे होंगे। भोजन कैसे करते होंगे। ये सब देख तुलसीदास वहां से जाने लगे, तब उन्हें ठाकुर जी ने छोटे से बालक का रूप लेकर पीछे से बुलाया और दर्शन दिए। कथा में नवनीत प्रियदास और शिव कुमार शास्त्री ने भी अपनी वाणी से आशीर्वाद दिया। कथा में अनन्त दास महाराज फ्लाइट बाबा का सानिध्य भी प्राप्त हुआ। सभी संत ने जगन्नाथ जी की महिमा का बखान किया। कथा में विनोद गुप्ता, पुलकित अग्रवाल, पवन जैन, बीना अग्रवाल, अलका जैन, सुमित अग्रवाल सोनू, दीपक पुन्दिर, गौरव अग्रवाल, सौरभ गुप्ता, अतुल गुप्ता, सुनील अग्रवाल, मंजू अग्रवाल, दीपा अग्रवाल, दीपक गुप्ता , कुश गुप्ता, अखिलेश चंद्र अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, प्रवेश अग्रवाल आदि मौजूद रहे।