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मेरी मोटी-ताजी भैंस हो गई है मरियल जैसी

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रामपुर कोतवाली से अपनी भैंस ले जाते कमर अली।फोटो-संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : RAMPUR
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रामपुर। आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू की निशानदेही पर दो भैंसों को बरामद कर पुलिस ने उनको उनके मालिकों की सुपुर्दगी में दे दिया है। भैंस मिलने के बाद बन्ने और कमर अली ने उनकी पहचान की थी। दोनों ने पुलिस को लिखित में दिया था कि ये भैंसें उनकी हैं, जो 2016 यतीमखाना में उनके घर पर बुल्डोजर चलाए जाने के दौरान लूट की गई थीं। भैंसें मिलने के बाद बन्ने और कमर अली खुश तो हैं, लेकिन उनका कहना है कि 2016 में हमारी भैंसें मोटी-ताजी थीं, अब तो यह मरकट जैसी हो गई हैं। लगता है इनको ठीक से चारा नहीं दिया जाता था।
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आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू की गिरफ्तारी पुलिस ने मंगलवार की रात तोपखाना गेट के पास से दिखाई है। उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें वो वांछित चल रहे थे। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर कोयली स्थित उनके खेत से दो भैंसों को बरामद करने का दावा किया है। जिनके बारे में कहा जा रहा है कि ये भैंसें वही हैं, जिनको 2016 में यतीमखाना में रहने वाले लोगों के घरों पर बुल्डोजर चलाए जाने के दौरान लूट लिया गया था। इस संबंध में अलग-अलग 11 मुकदमे दर्ज हैं। भैंसों को बरामद करने के बाद पुलिस ने बुधवार को उनको दिन भर कोतवाली में रखा था। बुधवार की रात दोनों भैंसों को बन्ने और कमर अली की सुपुर्दगी में दे दिया गया। दोनों लोग भैंसों को अपने साथ ले गए। उनका कहना है कि चार साल पहले हमारी भैंसें मोटी-ताजी थीं और 10 लीटर दूध भी देती थीं। अब ये काफी कमजोर हो गई हैं और दूध भी नहीं देती हैं। इनकी अच्छी तरह से देखभाल नहीं हुई है। लिहाजा अब इनका पूरा ख्याल रखना होगा।

रामपुर कोतवाली से अपनी भैंस ले जाते बन्ने अली। फोटो-संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : RAMPUR

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