रामपुर। वृहद पौधरोपण अभियान के तहत रामपुर में 20.22 लाख पौधे लगाए गए। 27 विभागों की ओर से ये पौधे लगाए गए हैं। इसमें भी सबसे अधिक पौधे लगाने का कार्य ग्राम्य विकास विभाग की ओर से किया गया है। विभाग ने अकेले 863500 पौधे लगाए हैं।
रविवार को पूरे प्रदेश में एक साथ पौधरोपण अभियान चलाया गया। इसके तहत रामपुर में 27 विभागों को 24.26 लाख पौधे लगाने थे। लिहाजा, सुबह से ही पौधे लगाने का सिलसिला शुरू हो गया। प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री जल शक्ति विभाग बलदेव सिंह औलख, शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू एवं जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़, मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज और जिला वन अधिकारी राजीव कुमार की उपस्थिति में डूंगरपुर में स्मृति वाटिका में पौधरोपण कराया गया। इसके बाद नोडल अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने सींगनखेड़ा स्थित चिन्हित जमीन पर पौधरोपण करके वृहद पौधरोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डीएम ने बताया कि डूंगरपुर में स्मृति वाटिका बनाई गई है, जिसे कोविड-19 के संक्रमण के कारण मृतक सरकारी कर्मचारियों को समर्पित किया गया है। स्मृति वाटिका में मृतक कर्मचारियों के परिजनों को बुलाकर उनसे पौधरोपण कराया गया। वहीं, सींगनखेड़ा में नोडल अधिकारी एवं जिलाधिकारी की मौजूदगी में 8 हजार पौधे लगाए गए। राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि पृथ्वी को हरा-भरा बनाए रखने में सरकारी प्रयासों के साथ-साथ आमजन की जिम्मेदारी भी बहुत महत्वपूर्ण है। कोरोना संकट के दौरान वृक्षों का महत्व सभी को समझना चाहिए तथा प्रत्येक व्यक्ति को अपनी निजी जिम्मेदारी समझते हुए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। नोडल अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने मन में प्रकृति प्रेम के उत्साह के साथ अपना धर्म मानते हुए वृक्षों को वरीयता देनी चाहिए। पेड़ों को लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल की भी जिम्मेदारी लें। पौधरोपण और जल संरक्षण जैसे पूण्य के काम में सिर्फ सरकारी प्रयास ही काफी नहीं है, इसमें आमजन को अपनी नैतिक जिम्मेदारी के साथ आगे आना होगा। जनपद में लगभग 800 तालाबों के चारों ओर पौधरोपण कराया जा रहा है, जिसकी चर्चा करते हुए नोडल अधिकारी ने कहा कि अत्यंत शोध के बाद यह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हो चुका है कि तालाब में संरक्षित पानी पर पेड़ों से होते हुए जब सूर्य की किरणें पड़ती हैं। तब तालाब के पानी में शुद्धता का स्तर बढ़ता है। साथ ही एक अच्छा माहौल भी विकसित होता है। कहा कि पेड़ों से हमें शुद्ध जीवनदायिनी ऑक्सीजन मिलती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति पेड़ लगाएं और उनकी देखभाल करें। इससे भविष्य में बेहतर प्राकृतिक माहौल विकसित हो सकेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में जनपद के चिन्हित 19 बड़े स्थलों पर भारी संख्या में पौधरोपण कराया जा रहा है। साथ ही तालाब, गूल एवं अन्य छोटे छोटे स्थलों पर पौधरोपण हो रहा है। सरकारी जमीनों को खाली कराते हुए भविष्य में उन पर अतिक्रमण न होने पाए तथा उस जमीन की उपयोगिता भी बनी रहे, इस दृष्टिकोण से सरकारी जमीनों को चिन्हित करके उन पर भारी संख्या में पौधरोपण कराया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में संबंधित ग्राम प्रधान की यह जिम्मेदारी है कि वह अपनी ग्राम पंचायत में लगवाए गए पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी लें। उन्होंने कहा कि अतीत के पन्नों में अगर देखा जाए तो आमजन पौधों के महत्व को भलीभांति समझते थे तथा स्वयं पौधरोपण करके उनकी देखभाल भी करते थे। इसी प्रकार पुन: प्रत्येक को जिम्मेदारी के साथ आगे आना होगा और भावी पीढ़ी की उन्नति के लिए पौधरोपण और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी लेनी होगी। जिला वन अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि शासन द्वारा जनपद के 2426339 वृक्षारोपण के लक्ष्य को दो भागों में विभाजित किया गया है, जिसमें से 20.22 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष लक्ष्य को 30 जुलाई तक पूर्ण करा लिया जाएगा। शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी के नेतृत्व में पौधरोपण की कार्यवाही संपन्न हुई। साथ ही वन विभाग के बरेली जोन के अपर प्रमुख वन संरक्षक अंजनी कुमार आचार्य ने भी जनपद के विभिन्न पौधरोपण स्थलों का निरीक्षण किया और पौधरोपण की कार्यवाही का जायजा लिया।