हजरत जैनुल आबेदीन की याद में लाल कब्र स्थित इमामबाड़ा मिर्जा मोहम्मद जफर बेग से अलम का जुलूस निकाला गया। दूरदराज से आई अंजुमनों ने शहादत-ए-हुसैन पर मर्सिया और नोहे पढ़े। अजादारों ने मातम किया। शहर के मोहल्ला लाल कब्र स्थित इमामबाड़ा मिर्जा मोहम्मद जफर बेग से अलम का जुलूस निकाला गया।
मजलिस को खिताब करते हुए इमाम जुमा मौलाना मोहम्मद जमा वाकरी ने खानदान-ए-रसूल पर हुए जुल्मों पर रोशनी डाली। मोहर्रम की 25वीं तारीख पर मुनकिक्द मजलिस और जुलूस हजरत जैनुल आबेदीन की याद में निकाला जाता है। अलम का जुलूस लाल कब्र, कटरा जलालुद्दीन, नगर पालिका, घुइया तालाब, मजार चुप शाह मियां, इमामबाड़ा डा. अमजद अली खां के यहां जाकर संपन्न हुआ।
जुलूस की निजामत प्रो. अमीर हाशम ने अंजाम दी। जुलूस में फुरकानिया अंजुमन के असलम महमूद, जुल्फेकार, अंजुमन ए मासूमियां के फैज और आमिर, सहारनपुर की अंजुमन सरकार अबु तालिब के गुलशन रजा, अंजुमन जाफर के प्यारे, अंजुमन हुसैनी के शमशेर हैदरी, नवाबगंज के इफ्तेखार हुसैनी, लखनऊ की भी अंजुमनों ने नोहा और मरसिया कहे।
रात में छुरियों का मातम भी हुआ। जुलुस के हमराह मुर्तजा जैदी, जानी जैदी मिर्जा, मुज्तबा अली बेग, अख्तर, मुज्तबा आबदी, मिर्जा ताहिर हुसैन, मिर्जा शब्बर हुसैन,कमल रिजवी, रजा आबदी, वसीम मियां, हसनैन, मंसूर हुसैन, राशिद हुसैन, तबरेज आबदी,काजिम रजा, अजीज नकवी आदि मौजूद रहे।