रामपुर। विधानसभा उपचुनाव में मतदान के बाद अब परिणाम घोषित होने का समय आ गया है। गुरुवार को दोपहर बारह बजे तक ही मतगणना पूरी होने की उम्मीद है। ऐसे में रामपुर के नए विधायक के नाम एलान होना तय है। सपा के इस मजबूत किले पर जहां आजम खां की प्रतिष्ठा दांव पर है, तो वहीं भाजपा पर इतिहास रचने की चुनौती है। प्रशासन ने किसी भी प्रकार के विजय जुलूस पर पाबंदी लगा दी है।
21 अक्तूबर को विधानसभा उप चुनाव के तहत रामपुर विधानसभा सीट पर मतदान संपन्न हो गया। यह सीट आजम खां के सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर आजम खां नौ बार विधायक चुने गए हैं। 1996 के बाद वह इस सीट से चुनाव नहीं हारे हैं। इस बार उप चुनाव में समाजवादी पार्टी ने उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में आजम खां के लिए जहां अपने सियासी गढ़ को बचाने की चुनौती है, वहीं दूसरे दलों की ओर से इस किले पर कब्जा करने की चुनौती है। लिहाजा, हर स्तर पर जीत दर्ज करने के लिए तमाम प्रयास किए गए हैं। भाजपा ने जहां तमाम मंत्रियों को सीट पर प्रचार करने के लिए भेज दिया, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने प्रत्याशी के समर्थन वोट मांगे थे। वहीं, समाजवादी के तमाम विधायक रामपुर में डेरा जमाए हुए थे। मुस्लिम बहुल इस सीट पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी किले में जनसभा को संबोधित किया था। कांग्रेस और बसपा प्रत्याशियों ने भी पूरी ताकत से चुनाव लड़ा था। अब गुरुवार को मतगणना होगी। चूंकि, एक ही विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव हुआ था, लिहाजा माना जा रहा है कि दोपहर बारह बजे तक मतगणना हो जाएगी और शहर के नए विधायक का एलान हो जाएगा।