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जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने का शांतिपूर्ण आंदोलन है साइकिल यात्रा: डॉ फात्मा

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रामपुर। अखिलेश यादव के नेतृत्व में शुक्रवार से शुरू होने वाली साइकिल यात्रा को लेकर सांसद आजम खां की पत्नी और शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा का कहना है कि जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने का यह शांतिपूर्ण आंदोलन है। शांतिपूर्ण आंदोलन की इजाजत तो हमें हमारा संविधान भी देता है।
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डॉ. फात्मा ने गुरुवार को अपने आवास पर पत्रकारों से कहा कि साइकिल यात्रा रामपुर से शुरू होकर लखनऊ तक जाएगी। 21 मार्च को लखनऊ में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अफसोस की बात है कि एक शिक्षण संस्थान के खिलाफ साजिश रची जा रही है। अपने ही लोग इस फिराक में हैं कि कब इसके गेट को गिरा दिया जाए, कब इसकी दीवारें तोड़ दी जाएं, कब इसकी लाइब्रेरी को बर्बाद कर दिया जाएगा। डॉ. फात्मा ने कहा कि हम आभारी हैं न्यायपालिका के जिसने इस यूनिवर्सिटी को टूटने से बचाया है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी की 12.5 एकड़ जमीन को छोड़कर शेष जमीन सरकार के नाम पर दर्ज कर दी गई है। यह जितनी भी जमीन थी हमें सरकार ने नहीं दी थी, बल्कि कैबिनेट का फैसला था और यह जमीन खरीदने की इजाजत ली गई थी। कौन सी यूनिवर्सिटी साढ़े 12 एकड़ में बन सकती है। जहां तक चैरिटी के कार्य के सवाल हैं तो चैरिटी के भी बहुत से कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा हां, मैं तो यही मानती हूं कि दुश्मनी एक व्यक्ति से हो सकती है उसके परिवार से हो सकती है लेकिन एक शिक्षण संस्थान से क्या दुश्मनी है।
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