रामपुर। लोकसभा सांसद आजम खां की तबीयत खराब होने पर सोमवार को एक बार फिर सीतापुर जेल से लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल भेजा गया है। जिस पर उनकी पत्नी और शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा ने कहा कि कुछ दिन पहले जब आजम खां को अस्पताल से जेल शिफ्ट किया गया था। उस वक्त भी उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। पता नहीं कि उस वक्त ऐसे कौन से हालात थे जो उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था।
आजम खां पिछले करीब 17 माह से सीतापुर जेल में हैं। कुछ माह पहले कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद आजम खां की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कर दिया गया था। जहां से 13 जुलाई को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। इस बीच सोमवार को एक बार फिर आजम खां की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मेदांता अस्पताल भेजा गया है।
आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू की ओर से इसको लेकर आजम खां की पत्नी और शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा की प्रतिक्रिया उपलब्ध करवाई गई। जिसमें उन्होंने कहा कि आजम खां का ऑक्सीजन लेवल कम होने और सांस में दिक्कत होने पर डॉक्टर्स ने हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। जिस पर आजम खां को वापस मेदांता अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। कहा कि आजम खां पोस्ट कोविड की समस्याओं से जूझ रहे थे और मेदांता में डॉक्टर्स की टीम इलाज कर रही थी। लेकिन अचानक 13 जुलाई को परिवार को बिना सूचना दिए मेदांता अस्पताल के डॉक्टर ने स्वस्थ बताते हुए आजम खां और उनके बेटे को वापस सीतापुर जेल भेज दिया था। कहा कि उस वक्त भी हमने कहा था कि आजम खां अभी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं है और पता नहीं कौन से ऐसे हालात थे कि मेदांता अस्पताल ने उन्हें स्वस्थ बता कर डिस्चार्ज कर दिया। जिस वक्त मेदांता से उन्हें डिस्चार्ज किया गया तो उन्होंने वीडियो में देखा था कि आजम खां को व्हीलचेयर से ले जाते वक्त वह बेहद कमजोर थे और हाथ पैरों में कमजोरी की वजह से उनसे ठीक से एंबुलेंस में चढ़ा भी नहीं जा रहा था उनको सहारा देकर चढ़ाया गया था। डॉ. तजीन फात्मा ने कहा कि वो यह मानती हैं कि उसमें कोई षड्यंत्र है और यह एक साजिश है। कहा कि यह भी राजनीति का एक घिनौना स्वरूप ही है और यकीनन यह सियासी रंजिश ही है।