रेलवे स्टेशन पर बने ओवरहेड टैंक पर शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे एक विक्षिप्त व्यक्ति चढ़ गया। टैंक पर चढ़कर उसने अजीब हरकतें शुरू कर दीं। सूचना पर रेलवे प्रशासन, जीआरपी, सिविल लाइंस पुलिस, आरपीएफ व फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गए। मगर घंटो तक तमाशा देखते रहे उसे काबू कोई नहीं कर सका।
उसे उतारने के लिए चढ़े एक रेलवे कर्मी पर उसने ईंट और सरिया से हमला कर घायल कर दिया। रात करीब नौ बजे वो टैंक से उतरकर भाग गया। करीब 15 घंटे तक पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की सांसें अटकी रहीं। भारी संख्या में पुलिस बल रेलवे स्टेशन पर मौजूद रहा।
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे रेलवे स्टेशन पर बने ओवरहेड टैंक पर एक विक्षिप्त व्यक्ति चढ़ गया। कंपाउंड के मेन गेट से कूदकर अंदर घुसे विक्षिप्त शख्स ने टैंक पर बने गेट को तोड़ दिया और ऊपर पहुंच गया। कुछ देर बाद जब स्थानीय लोगों और यात्रियों की नजर पर उस पर पड़ी तो उन्होंने रेलवे प्रशासन को सूचना दी। जिस पर स्टेशन अधीक्षक आरडी मीणा, जीआरपी प्रभारी विनय शर्मा फोर्स व रेलवे कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। उसको नीचे उतारने के लिए जीआरपी, रेलवे कर्मियों व सिविल लाइंस पुलिस द्वारा प्रयास किए। उसने हंगामा शुरू कर दिया।
हादसे की आशंका को देखते हुए फायर ब्रिगेड कर्मी भी दमकल वाहन के साथ रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। इस दौरान पार्सल पोर्टर रमेश हिम्मत कर टैंक पर चढ़ा गया। जिस पर गुस्साए इस शख्स ने उस पर ओवरहैड टैंक के स्लैब को तोड़कर ईंट से हमला कर दिया। साथ ही गेट की सरिया निकालकर सिर पर मार दी। जिससे रमेश घायल हो गया। रमेश को घायल कर इस सख्स ने उसका मोबाइल और जेब में रखे रुपये भी निकाल लिए। जैसे-तैसे रमेश टैंक से नीचे उतरकर आया तो रेलवे प्रशासन ने उसका उपचार कराया। इसके बाद कुछ वेंडरों ने भी विक्षिप्त को नीचे उतारने की कोशिश की लेकिन, वह नहीं उतरा। कुछ ही देर में स्टेशन पर सिविल लाइंस थाने, जीआरपी और आरपीएफ से कई पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए। जिस पर विक्षिप्त व्यक्ति ऊपर से ईंट फेंकने लगा। इसके बाद रात करीब नौ बजे अंधेरे का लाभ उठाकर वह उतरकर भाग निकला।