स्वच्छता प्रमाण पत्र की अनिवार्यता से ईंट उद्योग संकट में फंस गया। भट्ठा स्वामी स्वच्छता प्रमाण पत्र के विरोध में उतर आए। उन्होंने अनिश्चितकालीन भट्ठा बंदी का एलान कर दिया। भट्ठा स्वामी सर्वे का भी बहिष्कार करेंगे। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने ईंट भट्ठा संचालन के लिए स्वच्छता प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया है।
पूरे देश के ईंट भट्ठा संचालक इसके विरोध में उतर आए हैं। भट्ठा स्वामियों ने अनिश्चितकालीन ईंटा भट्ठे बंद करने का फैसला लिया है। इस मुद्दे को लेकर रामपुर ईंट निर्माता समिति ने भी रविवार को भट्ठा स्वामियों की बैठक बुलाई। समिति सचिव प्रदीप गुप्ता ने नई दिल्ली और लखनऊ की समितियों की ओर से भट्ठा बंदी के निर्णय से अवगत कराया।
साथ ही भट्ठा स्वामियों ने सर्वसम्मति से यहां भी अनिश्चितकालीन ईंट भट्ठा बंदी का ऐलान कर दिया। भट्ठा स्वामियों ने ये भी फैसला लिया कि सर्वे का बहिष्कार किया जाएगा। रायल्टी और अन्य कर भुगतान भी नहीं देंगे। मीटिंग के बाद संबंधित अधिकारियों को भी पत्र भेजे गए। भट्ठा स्वामियों ने बंदी को सफल बनाने की अपील की।
इस मौके पर कबीर अहमद, बाबर खां, बलजीत सिंह, अशोक पांडेय, इनामुर्रहमान, शरीफ अहमद, सुनील कुमार शर्मा भी थे। अध्यक्षता जाकिर हुसैन और संचालन समिति सचिव ने किया।