जमीयत उलेमा ए हिंद की कोर कमेटी के सदस्य मुफ्ती मोहम्मद सलमान मंसूरपुरी ने कहा की सिमी के कार्यकर्ताओं का एनकाउंटर इसलिए कर दिया गया क्योंकि वह बरी होने वाले थे। जमीयत ही उनका मुकदमा लड़ रही थी। जेल से भागेे आतंकियों के एनकांउटर पर उन्होंने भोपाल पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
नगर में जमीयत उलमा-ए हिंद के इजलास में शामिल होने आए राष्ट्रीय अध्यक्ष मुफ्ती कारी सैयद मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी के बेटे मुफ्ती मोहम्मद सलमान मंसूरपुरी जमीयत उलमा हिंद के जिलाध्यक्ष महमूदुज्जफर रहमानी के आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे।
उन्होंने मध्यप्रदेश के भोपाल में हुए सिमी कार्यकर्ताओं के एनकाउंटर पर तमाम सवाल उठाए और भोपाल पुलिस को कठघरे में खड़ा किया। बोले, भोपाल पुलिस ने जिन सिमी कार्यकर्ताओं को फर्जी एनकाउंटर में मार डाला उनमें से कुछ जल्द ही रिहा होने वाले थे। उनके ऊपर लगाया गया इल्जाम कोर्ट में झूठ साबित होने वाला था। कहा कि मारे गए सिमी कार्यकर्ताओं में से किसी का भी जुर्म अदालत में साबित नहीं हुआ था। जिसकी वजह से पुलिस को उन लोगों को जिंदा पकड़ना चाहिए था। इस एनकाउंटर का उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।