किला इमामबाड़ा में शहीदे कर्बला को अकीदत का नजराना पेश किया। मजलिस में जिक्र हुसैन आया तो लोगों की आंखें नम हो गईं। मौलाना ने कहा कि इस्लाम आतंकवाद की इजाजत नहीं देता। किला इमामबाड़ा में मजलिस मुनकिकद की गई। शायरों ने अपने कलाम के जरिए शहीदे कर्बला को अकीदत का नजराना पेश किया।
हजरत इमाम हुसैन की शहादत से सीख लेने की ताकीद की। जारचा से आए मौलाना कमर सुल्तान ने मजलिस को खिताब किया। उन्होंने कहा कि इस्लाम आतंकवाद की इजाजत नहीं देता है। अमन और मोहब्बत का पैगाम देता है। इस्लाम दुश्मन ताकतें आतंकवाद की आड़ में इस्लाम को बदनाम करने की साजिश कर रहीं हैं।
ऐसी ताकतों से होशियार करने की जरूरत है। मौलाना ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन और उनके खानदान ने इस्लाम की खातिर अपनी जान की कुरबानी दे दी। हमें हजरत इमाम हुसैन की कुरबानी से सबक लेना चाहिए। मौलाना ने करबला का सारा बाकिया सुनाया। जिक्रे हुसैन आया तो लोगों की आंखें नम हो गईं।