भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज की ओर से महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इसमें धर्मध्वज, डा. भीमराव अंबेडकर, एकलव्य, घोड़ा पकड़े लवकुश, रामायण लिखते महर्षि वाल्मीकि समेत 18 से अधिक झांकियां शामिल रहीं। इस दौरान कई स्थानों पर शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
शोभायात्रा की शुरुआत कोसी मार्ग स्थित मंदिर से नरेश पाल सिंह ने फीता काटकर की। इसके बाद शोभायात्रा स्वार रोड, तोपखाना रोड, नोदरा चौक, किला पश्चिम गेट, सर्राफा बाजार, मिस्टन गंज, सराय गेट होते हुए दोबारा कोसी मार्ग स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर पर पहुंची।
शोभायात्रा में धर्म ध्वज के साथ ही काली मां का अखाड़ा, भगवान श्रीकृष्ण को झूला झुलाती राधा, लव-कुश को धनुष विद्या सिखाते भगवान वाल्मीकि, एकलव्य, शंकर जी आदि झांकियां शामिल रहीं। मार्ग में महर्षि वाल्मीकि के रथ पर कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
साथ ही शोभायात्रा आयोजन के अवसर अतिथियों व विशिष्ट जनों का पगड़ी बांधकर स्वागत किया गया। अंत में भावाधस प्रमुख वीरेश भीम अनार्य ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान रामगोपाल कठेरिया, अर्जुन अनार्य, राकेश सिंधवासी, करन लाल, राकेश, सरन लाल, पवन अनार्य, गोविंद सेठ, दिनेश बाबू, कुमार एकलव्य, सुरेश, शिवा, लववीर रहे।
महर्षि वाल्मीकि सेंट्रल कमेटी की ओर से मंगलवार को नगर में प्रभातफेरी निकाली गई। इस दौरान महर्षि के बताए मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया। साथ ही आदि धर्म समाज ने योगामृत सत्संग और महर्षि वाल्मीकि जन चेतना संगठन ने गोष्ठी का आयोजन किया।
वाल्मीकि सेंट्रल कमेटी की मंगलवार सुबह प्रभातफेरी निकाली गई। प्रभातफेरी की शुरुआत राधा रोड स्थित वाल्मीकि मंदिर के महंत रामप्रकाश ने झंडी दिखाकर की। प्रभातफेरी सिविल लाइंस के मुख्य मार्गों से होते हुए दोबारा राधा रोड स्थित मंदिर तक पहुंची।
कमेटी के अध्यक्ष विनोद दिलावर ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के हाथ में कलम शिक्षित होने के लिए प्रेरणा देती हैं। हमें नशाखोरी, बुराइयों और दुर्व्यसनों से दूर रहना चाहिए। साथ ही हमें अपने बच्चों को शिक्षित बनाना चाहिए। इस दौरान हरिबाबू राज, संजय समर्पित, सुरेश वाल्मीकि, मोहन, अशोक, प्रमोद राज, प्रशांत, अमित बाबा, विजय रावत रहे।
वहीं दूसरी ओर आदि धर्म समाज की ओर से भी वाल्मीकि जयंती पर मोहल्ला ऊंचा में योगामृत सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग में अमर आदिवासी ने कहा कि समाज के सभी लोगों को भगवान वाल्मीकि की कलम को अपने जीवन में उतारने की जरुरत है। इस दौरान अरुण, सोहन, नवीन राही, राजेश, लक्की, यशराज, अविनाश मौजूद रहे।
इसके साथ ही महर्षि वाल्मीकि जन चेतना संगठन ने मोहल्ला पक्का बाग में गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें भगवान वाल्मीकि की प्रतिमा पर पुष्प व माल्यार्पण कर प्रार्थना की गई। इस दौरान मत्तन लाल, संजय प्रभाकर, विलसन कुमार, रमेश चौधरी, आनंद, रामकिशोर, चंद्रसेन, रामप्रकाश, बृजेश, राकेश, सतीश आदि रहे।