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Rampur News: शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नया करने का बनाया मन तो पाया सम्मान

Tue, 23 Sep 2025 01:46 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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रामपुर। जिले की कई महिलाएं शिक्षा के क्षेत्र में उजियारा फैला रही हैं। शिक्षिका की जिम्मेदारी मिलने के बाद वह अपनी मेहनत और लगन से जहां बच्चों को शिक्षित कर रही हैं, वहीं स्कूलों की दशा और दिशा बदलने की भरसक कोशिश भी कर रही हैं। नवरात्र में देवी के नाै स्थानों की अलग-अलग विशिष्टता की तरह समाज में ऊंचाई छूने वाली महिलाएं भी कम नहीं हैं। इसी क्रम में सामने हैं शिक्षा के क्षेत्र की अग्रणी देवियां। संवाद
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पढ़ाने के साथ महिलाओं के अधिकारों के प्रति फैलाई जागरूकता

चमरौवा विकास खंड के पंजाबनगर में तैनात शिक्षिका रीता शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रहीं। करीब 15 साल पहले पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने कैरियर की शुरुआत शिक्षिका के पद से की। बच्चों को पढ़ाकर उनको अलग दिशा प्रदान करने का जनून लेकर वह आगे बढ़ती रहीं। वर्ष 2021 में उनकी मेहनत का फल मिला और राज्य पुरुस्कार के लिए चयनित किया गया। राज्य पुरुस्कार से सम्मानित होने के बाद उन्होंने बच्चों की पढाई के साथ ही समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने के लिए जागरुकता की मुहिम शुरू की। लगातार वह महिला जागरुकता को लेकर भी जागरुकता कार्यक्रम चलाती रही है। वह कहती हैं महिलाएं सबसे मजबूत स्थिति में हैं। वह समाज व देश की तरक्की में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
पढ़ाई के साथ मानसिक रूप से मजबूत कर रहीं तृप्ति

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज किला में तैनात शिक्षिका तृप्ति माहौर ने अपनी कड़ी मेहनत के जरिए लंबी छलांग लगाई। उन्होंने अपने दम पर कॉलेज में प्रोजेक्टर व लैब का बंदोबस्त कर छात्राओं को सीखने की क्षमता को बढ़ाया। उनकी इस पहल को देश भर में सराहा गया और वर्ष 2021 में राष्ट्रीय शिक्षक के रूप में सम्मानित किया गया। उनको इससे पहले राज्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें नेशनल काउंसलिंग आफ टीचर्स एजूकेशन की ओर से नेशनल मेंटर के रूप में तैनात किया है। वह आन लाइन छात्रों को मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहने का प्रशिक्षण भी देती हैं। वह खातसौर से छत्राओं को मानसिक तौर पर स्वस्थ्य रखने के लिए मजबूत प्रयास करती हैं। इसके लिए वह काउंसलिंग भी करती हैं। उनका कहना है कि महिलाएं देश की दिशा व दशा दोनों ही बदल सकती हैं। पुरुषों से कांधे से कांधा मिलाकर देश की तरक्की में अपना सहयोग कर रही हैं।
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स्कूल की बदली तस्वीर, बच्चों की लगाई अतिरिक्त क्लास
चमरौवा विकास खंड क्षेत्र के अमहद नगर कंपोजिट विद्यालय की प्रधानाध्यापिका डॉ.सुमन अरोड़ा ने मेहनत के बलबूते स्कूल की तस्वीर बदल दी। डा.सुमन ने वर्ष 2019 में डेढ़ साल के भीतर कायाकल्प योजना के तहत शामिल 19 पैरामीटर पूरे कराते हुए स्कूल की तस्वीर बदली। दो स्मार्ट क्लास का संचालन स्कूल में कराया जा रहा है। उनका स्कूल अभी भी चमक रहा है। उनका कहना है कि आज के दौर में महिलाओं को सजग होना होगा। गंभीरता के साथ अपने मिशन पर ध्यान देना होगा। इसी के जरिए समाज की दिशा व दशा को बदला जा सकता है। बताया कि स्कूल के अलावा वह गरीब बच्चों को मुफ्त में पढ़ाया करती हैं।
स्मार्ट क्लास के जरिए बच्चों को शिक्षित कर रहीं ऋचा
राज्य पुरस्कार के लिए चयनित की गईं शाहबाद क्षेत्र के सोहना गांव के कंपोजिट विद्यालय में तैनात शिक्षिका ऋचा शर्मा ने अपनी मेहनत के बलबूते कामयाबी हासिल की। उन्होंने इस स्कूल के बच्चों का चयन आश्रम पद्धति विद्यालय में प्रवेश के लिए कराया। जनपदीय स्तरीय स्पेल–बी एवं श्रुतलेख प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन का डायट में सम्मानित किया गया था। खेलकूद प्रतियोगिताओं में भी इनके स्कूल के बच्चों ने राज्य स्तर तक प्रतिभाग किया। 2018 से सोहना में तैनात शिक्षिका ऋचा ने क्षेत्र की प्रथम स्मार्ट क्लास का संचालन कराया और वर्तमान में सभी क्लास स्मार्ट क्लास के रूप में संचालन किया जा रहा है। स्मार्ट क्लास के लिए एक स्मार्ट टीवी भी इनके सहयोग से प्राप्त किया गया। यही वजह रही कि इस साल उनका चयन राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए किया गया। पुरुस्कार पाने के बाद उनके हौंसले को उड़ान मिली है। इसी के बलबूते वह शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी काम कर रही हैं।
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