सत्य, न्याय और प्रेम के अवतार थे भगवान परशुराम
रामपुर। भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर विभिन्न संगठनों की ओर से कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंदिरों के साथ ही कई स्थानों पर हवन-पूजन भी हुआ।
श्री त्रिपुरेश्वरी शक्तिपीठ परमहंस भारतीय महायोग शोध संस्थान शक्ति पुरम में अक्षय तृतीया तथा भगवान परशुराम जन्मोत्सव को ध्यान महाआरती के साथ मनाया गया। इसमें साधकों ने श्रद्धा व भक्ति के साथ सम्मिलित होकर दिव्य ऊर्जा को प्राप्त किया। महायोगी आचार्य डॉ. राधेश्याम वासंतेय ने कहा कि भगवान परशुराम सत्य और न्याय और प्रेम के अवतार थे जो उन्हें क्रोधी मानता है वह अल्प बुद्धि है। भगवान परशुराम तो अहिंसा, सत्य, ब्रह्मचर्य अपरिग्रह के मूर्त स्वरूप हैं। उन्होंने जाति वर्ण से ऊपर उठकर संपूर्ण समाज के लिए रचना धर्मिता निभाई।
वहीं, अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की ओर से प्रात: काल भगवान का पूजन अर्चन कर वैदिक मंत्रों द्वारा यज्ञ में आहुतियां दी गईं। बाद में सभी पदाधिकारियों ने आगापुर मार्ग पर शिविर लगाकर तपती गर्मी में राहगीरों को शरबत पिलाकर उनकी प्यास बुझाई। प्रभावती स्कूल के सभागार में हुई गोष्ठी में मुख्य अतिथि आरके पांडे ने कहा कि भगवान परशुराम ने समाज विरोधी तत्वों को दंडित किया। वह माता पिता के सच्चे भक्त थे। समाज में उनके विषय में जो भ्रांतियां है उन्हें दूर करने की आवश्यकता है। इस दौरान जिलाध्यक्ष मुनीश चंद्र शर्मा, पी एन शर्मा, राखी शर्मा, शालिनी पांडे, विकास पांडे, डॉ.मोनिका शर्मा, नवीन शर्मा, दीपक शर्मा, सुजीत शर्मा ,पवन पाठक, अमन वशिष्ठ, पुनीत पाठक, राम मोहन चतुर्वेदी, श्वेता शर्मा, सुषमा पांडे, लक्ष्मी शर्मा,अर्चना शर्मा, राहुल शर्मा, मयंक शर्मा, शिवम शर्मा, प्रभु शंकर शुक्ला आदि मौजूद रहे।
ब्राह्मण परिवार मिलन की ओर से स्टेट बैंक कालोनी में भगवान परशुराम प्रकटोत्सव समारोह मनाया गया। ब्राह्मण एकता मंच के संरक्षक सुनील कौशिक, सीताराम शर्मा, राजीव शर्मा और बंटा महाराज ने दीप प्रज्जवलित करने के बाद भगवान परशुराम का पूजन किया। इसके बाद हुए यज्ञ में वैदिक मंत्रों की आहूति दी। बाद में स्वजातीय बंधुओं ने भजनों का आनंद लिया। पीके कौशिक, विश्वनाथ शर्मा, सौरभ कौशिक, अमन, गौरव कौशिक, प्रतिभा शर्मा, नीरू शर्मा, राधा शर्मा, नंदनी, कमलेश, प्रिया, विशाखा, स्वाति, विनोद शर्मा आदि मौजूद रहे।