भाकियू की पंचायत में किसान प्रशासन पर जमकर गरजे। अधिकारियों और पुलिस पर उत्पीडन का आरोप लगाया। किसानों ने विकास भवन के मेन गेट में ताला डालकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। फैसला लिया कि कोई भी कार्यकर्ता यूनियन की टोपी और झंडा लेकर किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में वोट नहीं मांगेगा।
सिविल लाइंस कार्यालय पर बुधवार को मासिक पंचायत थी। लेकिन किसानों ने विकास भवन गेट पर ताला डालकर वहीं पंचायत की और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। मेन गेट बंद कर देने से अधिकारियों और कर्मचारियों को दूसरे गेट से जाना पड़ा। पंचायत में सर्व सम्मति से फैसला लिया कि कोई भी कार्यकर्ता भाकियू की टोपी या झंडा लेकर किसी भी उम्मीदवार के लिए वोट नहीं मांगेगा। साथ ही विधानसभा वार कमेटियां भी बना दीं। कमेटियां गोपनीय तरीके से पंचायत कर मतदान का फैसला लेगी। मंडल उपाध्यक्ष हबीब अहमद ने आचार संहिता के उल्लंघन के नाम पर प्रशासन किसानों का उत्पीडन कर रहा है। बेगुनाह किसानों को शांति भंग में चालान किया जा रहा है।
मंडल उपाध्यक्ष ने कहा कि सबसे ज्यादा उत्पीड़न स्वार एसडीएम कर रहे हैं। चेतावनी दी कि चुनाव बाद किसानों का उत्पीड़न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। साथ ही किसानों से ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की अपील की। पंचायत में चौधरी अजीत सिंह, होरी लाल, पुरुषोत्तम सरन, दिनेश, इरफान, विनोद कुमार यादव, अनिल कुमार, मोहम्मद तालिब, हसीन अहमद, मोहम्मद उस्मान, फुरकान अली, दिनेश, अब्दुल रहीम, ओमकार सिंह, राजा, कमरुद्दीन, सीताराम, आले हसन, छुट्टन, खेमकरन सिंह, नरपत सिंह, विक्रम सिंह, नत्थूलाल, अतर सिंह, सुरेश, जमील, तालेवर, खलील अहमद, कल्लन, रेवाराम, शिव कुमार, शिवम, यशपाल, हप्पू यादव, मोहम्मद अहमद भी थे। अध्यक्षता चौधरी विजय सिंह और संचालन वीरेंद्र सिंह यादव ने किया।