धमोरा/बिलासपुर/स्वार/शाहबाद/टांडा/रामपुर। सोमवार आधी रात के बाद आई आंधी-बारिश से जिले भर के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। तमाम गांवों में मंगलवार दोपहर तक बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी। वहीं, शहजादनगर थाना क्षेत्र में आंगन में सो रही वृद्ध महिला की आंधी से आकर गिरी लकड़ी के नीचे दबकर मौत हो गई। आंधी-बारिश ने आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। उद्यान विभाग के अनुमान के अनुसार करीब तीन-चार फीसदी आम की फसल आंधी-बारिश से खराब हो गई है।
शहजादनगर थाना क्षेत्र के मगरमऊ गांव निवासी सईदन (72) अपने परिवार के साथ घर के आंगन में सो रही थी। सोमवार देर रात को आई तेज आंधी में एक भारी लकड़ी उसके ऊपर आकर गिर गई। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी पर उपजिलाधिकारी सदर सचिन राजपूत मौके पर पहुंचे और परिजनों से शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा लेकिन, परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम के ही महिला को अंतिम संस्कार कर दिया।
भोट थाना क्षेत्र के मुतियापुरा गांव निवासी फकीर चंद के घर देर रात तेज आंधी और बारिश के दौरान पड़ोसी के आंगन में खड़ा एक पेड़ उसके घर के ऊपर गिर गया। इस दौरान घर की टीन शेड की छत नीचे गिर गई और अंदर सो रहे सभी लोग फंस गए। चीख पुकार पर रात में ही तमाम ग्रामीण मौके पर पहुंच गए व पेड़ को काटकर घर में फंसे लोगों को बाहर निकाला। गृहस्वामी के अनुसार इस दौरान टिन शेड समेत घर में रखा सामान और अनाज आदि सब खराब होने से एक लाख रुपये से भी अधिक का नुकसान हो गया।
आंधी-बारिश से बिजली के कहां कैसे रहे हालात
बिलासपुर, केमरी, खजुरिया सोमवार की आधी रात के बाद क्षेत्र के सभी 10 बिजली घरों की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। बिजली की लाइनों पर जगह-जगह आंधी के कारण पेड़ व टहनियां टूटकर गिरने से फाल्ट हो गए। एक्सईएन विनोद कुमार ने बताया कि बिजली कर्मचारी बिजली की लाइनों को ठीक करने में लगे हैं। उन्होंने संभावना जताई है कि की मंगलवार रात 9:00 बजे तक पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। आंधी बारिश से धमोरा बिजलीघर क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। 11 केवी की लाइन में फाल्ट होने के कारण 15 घंटे तक बिजलीघर क्षेत्र के 36 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही। जेई योगेश कुशवाहा ने बताया कि 11 केवी की लाइन में फाल्ट होने के कारण बिजली नहीं आई थी। जिसको ठीक कराया जा रहा है। फाल्ट ठीक होने पर जल्द ही सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। स्वार क्षेत्र में आंधी-बारिश के कारण मंगलवार दोपहर तक बिजली आपूर्ति ठप रही। दोपहर बाद बिजली आपूर्ति सुचारू हो सकी। इस दौरान सुबह के वक्त पेयजल आपूर्ति भी बाधित रही। एसडीओ अमर पाल सिंह ने बताया कि तेज आंधी के चलते बिजली लाइन में जगह-जगह फाल्ट हो जाने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित रही। टांडा क्षेत्र में भी आंधी-बारिश के कारण सोमवार रात से मंगलवार शाम तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। मिलकखानम क्षेत्र में भी आंधी-बारिश के कारण मंगलवार शाम तक बिजली आपूर्ति ठप रही। सैफनी बिजली घर आ रही 33 केवी लाइन पर पेड़ों की टहनियों, कुछ पेड़ गिरने से बिजली ठप हो गई। वहीं क्षेत्र के छितौनी, खरसौल एचटी लाइन पर कई जगह खंभे भी गिर गए। जिससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रही। मंगलवार दोपहर तीन बजे नगर की बिजली आपूर्ति शुरू हो गई। जबकि खरसौल, छितौनी एचटी लाइन को मरम्मत का कार्य चलता रहा है।
आंधी से आम की फसल में करीब तीन-चार फीसदी के नुकसान की आशंका
टांडा/स्वार/शाहबाद/रामपुर। जिले में सोमवार आधी रात के बाद आंधी-बारिश के कारण जहां एक और बिजली और नगरीय क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की भी समस्या से जूझना पड़ा वहीं दूसरी ओर आम की फसल को भी नुकसान हुआ है। उद्यान विभाग के अनुसार जिले में करीब तीन से चार प्रतिशत उत्पादन आंधी-बारिश के कारण प्रभावित हो जाएगा और इतनी फसल का आंधी के कारण नुकसान हुआ है। जिले में आम की फसल का रकबा करीब 34 हजार हेक्टेयर है और इस साल अनुमानित उत्पादन करीब 12 मीट्रिक टन प्रति क्विंटल है। लेकिन, आंधी बारिश के कारण इसमें करीब तीन से चार फीसदी की कमी हो जाएगी। आंधी के कारण मिलक, शाहबाद, टांडा और स्वार क्षेत्र में आम की फसल को अधिक नुकसान हुआ है। टांडा में आम के बाग करने वाले उत्पादकों में काफी निराशा है, क्योंकि क्षेत्र में आंधी के बाद बड़े पैमाने पर आम की फसल को नुकसान हुआ है। शाहबाद में भी लक्खी बाग समेत कई स्थानों पर आम के बागों में काफी नुकसान हुआ है।
आम की फसल गिरने से लाखों रुपये का भारी नुकसान हुआ है। कुछ दिनों बाद फसल पककर बिकती तो तीस रुपये प्रति किलो जाती, अब चार रुपये प्रति किलो जाएगी। यानी पच्चीस रुपये प्रति किलो का नुकसान हुआ है।
- अंसार, आम बाग के ठेकेदार
आंधी से बाग में लगी फसल को बहुत बड़ा नुकसान हुआ हुआ है। लक्खी बाग का ठेका हमारे पास था, आंधी से फसल गिर गई, कई पेड़ भी गिरे। लगभग कई ठेकेदारों को इस बाग में पंद्रह लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अब गिरी हुई फसल काफी कम दाम में बिकेगी।
- मोहम्मद खान