अव्यवस्थाओं के बीच चल रहे शहर के पब्लिक अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। सेहत विभाग ने शिकायत के आधार पर की गई जांच पड़ताल के बाद यह कार्रवाई की है।
जिले में निजी अस्पताल मरीजों का शोषण कर रहे हैं, जिसकी वजह से दिक्कत हो रही है। सेहत विभाग के आधार पर ही कार्रवाई करता है। सेहत विभाग को एक शिकायत मिली थी कि गांधी समाधि से मुरादाबाद की ओर जाने वाले रोड पर स्थित पब्लिक अस्पताल में अव्यवस्थाओं की भरमार है।
यहां पर शहर के तमाम नामचीन डाक्टरों के नाम लिखे हुए हैं, लेकिन यहां आता कोई नहीं है। इसके अलावा आपरेशन थिएटर तो चलाया जा रहा है,लेकिन सर्जन ही नहीं हैं। सेहत विभाग की टीम ने इस मामले की जांच की। जांच केलिए दो दिन पहले एक टीम अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एमसी गर्ग व डा. राकेश चंद्रा अस्पताल में पहुंचे थे, जहां जांच के बाद नोटिस भी दिया गया था।
नोटिस मिलने के बाद अस्पताल संचालक से जवाब तलब किया गया, लेकिन कोई संतोष जनक जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुबोध कुमार शर्मा ने रामपुर पब्लिक अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया।