भोट थाना क्षेत्र में गुलदार की दहशत अभी कम नहीं हो रही है, जिससे ग्रामीण
परेशान हैं। बुधवार को पत्थरखेड़ा के जंगल में दो किसानों ने मटर के खेत
में गुलदार को देखा। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने पुलिस के साथ जंगल में
गुलदार को पकड़ने के लिए कांबिंग भी की, लेकिन वह हाथ नहीं आया।
ग्रामीणों
का आरोप है कि वन विभाग गुलदार को पकड़ने के लिए अभी भी कोई ठोस इंतजाम
नहीं कर रहा है। रामपुर निवासी नावेद मियां का भोट थाने के गांव
पत्थरखेड़ा के जंगल में कृषि फार्म है। बुधवार की दोपहर फार्म स्वामी अपने
मटर के खेत की तरफ जा रहा था। उसके साथ उसके फार्म का कर्मचारी रोशन लाल
निवासी रम्पुरा भी था।
फार्म स्वामी ने बताया कि जब वे खेत के पास पहुंचे
तभी उनकी नजर खेत की दूर की मेड़ पर गई, जहां गुलदार बैठा हुआ था। उन्होंने
बताया कि उन्होंने अपने मोबाइल से गुलदार की फोटो खींचने की भी कोशिश की,
लेकिन दहशत के कारण वह फोटो नहीं खींच सके। इसके वे भाग कर गांव पहुंच गए
और ग्रामीणों को गुलदार को देखने की बात कही।
सूचना पर भोट पुलिस व वन
विभाग के रेंजर रामचंद्र भी अपनी टीम के साथ गांव पहुंच गए। ग्रामीणों ने
वन कर्मियों को जमकर खरीखोंटी सुनाई। ग्रामीणों का कहना था कि गुलदार
क्षेत्र में एक महीने से अपनी दहशत बनाए हुए हैं, मगर कोई भी अधिकारी उसे
पकड़ने की ठोस कार्रवाई तक नहीं कर रहा है।
ग्रामीणों ने चेताया कि
अगर गुलदार को शीघ्र नहीं पकड़ा गया तो वह लोग हाईवे जाम कर आंदोलन करेंगे।
इसके बाद जंगल में कांबिंग भी शुरूकी गई। कर्मियों ने लोगों के साथ जंगल
को छानमारा, मगर गुलदार नहीं मिल सका। अलबत्ता टीम वापस लौट गई।