मसवासी (रामपुर)। बीते सात दिनों से तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में नहीं फंस सका है। तेंदुआ के खुले में घूमने से ग्रामीण घरों में रहने को मजबूर हो गए हैं। तेंदुआ पकड़ने में वन विभाग की लापरवाह कार्यशैली से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ते जा रहा है। ग्रामीण भयभीत हैं कि तेंदुआ किसी की जान को संकट में न डाल दे।
बीते एक सप्ताह से तेंदुआ ने क्षेत्र के गांव करीमपुर और रहमतगंज में दहशत कायम कर रखी है। इतने दिन बाद भी वन विभाग के अधिकारी तेंदुआ को पकड़ने में नाकाम साबित हुए हैं। तेंदुआ के खुले में घूमने से दिन ढलते ही गांव की गलियों में भी सन्नाटा पसर जाता है। ग्रामीण बच्चों सहित खुद को घरों में कैद कर लेते हैं। वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने करीमपुर निवासी किसान सरदार चरनजीत सिंह के फार्म हाउस में कुत्ते पर हमले के बाद एक ही जगह पिंजरा लगाकर इतिश्री कर दी है। वहीं पिंजरे में बकरी बांधने की जिम्मेदारी भी फार्म हाउस मालिक खुद निभा रहे हैं, जबकि कुत्ते से भिड़ंत के बाद तेंदुआ फार्म हाउस की तरफ दिखाई ही नहीं दिया।
कार्यालय में बैठकर लोकेशन ट्रेस कर रहे वन अधिकारी
तेंदुआ कभी बंद पड़े स्टोन क्रेशर की तरफ तो कभी रहमतगंज पहुंच कर ग्रामीणों में खौफ पैदा करने में लगा है। वन विभाग के अधिकारी कार्यालय में बैठे-बैठे तेंदुआ की लोकेशन ट्रेस कर रहे हैं और गांव जाना भी गंवारा नहीं समझ रहे हैं। जिसके चलते तेंदुआ खुले में घूम कर दहशत फैला रहा है। ग्रामीणों में खौफ है। बीते रविवार और सोमवार शाम तक वन विभाग का कोई भी अधिकारी तेंदुआ की लोकेशन ट्रेस करने गांव नहीं पहुंचा। तेंदुआ पकड़ने में वन विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। वन क्षेत्राधिकारी मुजाहिद हुसैन ने बताया कि तेंदुआ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए टीम को निर्देशित किया गया है। जल्द ही तेंदुआ पकड़ लिया जाएगा।