सोमवार रात कचहरी से घर लौट रहे बेलवाड़ा निवासी अधिवक्ता दलजीत सिंह की कार के सामने अचानक तेंदुआ आ गया। तेंदुआ देख अधिवक्ता के होश उड़ गए। खबर पाकर ग्रामीण भी दहशत में आ गए। पिछले कई दिनों से दहशत का पर्याय बने तेंदुए को पकड़ने में वन विभाग नाकाम साबित हो रहा है।
बीते बुधवार को खेत पर काम कर रहे मजदूरों के सामने से तेंदुआ कुत्ते को उठाकर ले गया था। अगले दिन भी तेंदुए ने एक और कुत्ते का का शिकार कर लिया था। जिसके अवशेष अनीस अहमद के खेत में मिले थे। घटना के बाद वन विभाग के डिप्टी रेंजर कुंदन सिंह भंडारी ने टीम संग गांव में पहुंचकर घटना का निरीक्षण किया था।
तेंदुए की लोकेशन ट्रेस होने के बाद पिंजरे में कुत्ते के अवशेष रखवा दिए थे। इसके बाद से वन विभाग के अधिकारी गांव नहीं पहुंचे। पिंजरे में बांधने के लिए शिकार की व्यवस्था भी नहीं की गई। वन क्षेत्राधिकारी मुजाहिद हुसैन ने तेंदुए की लोकेशन ट्रेस न होने की बात कही है।
बिलासपुर में तेंदुए की सूचना पर वन विभाग ने की कांबिंग
बिलासपुर। गुजरैला व उमरी गांव में तेंदुआ देखे जाने के बाद आसपास के गांवों में भी दहशत है। डंडिया वन क्षेत्र के डिप्टी रेंजर चंद्र सिंह ने बताया कि पईपुरा गांव के कुछ लोगों ने रात में तेंदुआ देखे जाने की सूचना दी थी। इसके आधार पर मंगलवार सुबह वन विभाग की टीम ने इस गांव में कांबिंग की लेकिन कहीं भी तेंदुआ के पंजे के निशान या कोई अन्य चिह्न नहीं मिले। संवाद