रामपुर। विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई को बनाया जाता है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें बीड़ी-सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन करने से होने वाले नुकसानों के बारे में बताया जा रहा है। लोगों को तंबाकू के खतरों के प्रति सचेत किया जा रहा है।
तंबाकू को लेकर हो रही स्थितियों को देखते हुए सार्वजनिक स्थलों और स्कूलों के आस पास बीड़ी सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक के लिए केंद्र सरकार 2003 में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) ले आई। जिस पर सख्ती से अमल की जरूरत है। तभी स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है। आयुर्जीवन सेवा समिति के सचिव डॉ. कुलदीप सिंह चौहान ने बताया कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। तंबाकू एक जानलेवा उत्पाद है जो कैंसर का कारण बन सकता है। किसी भी रूप में तम्बाकू का सेवन सांस से जुड़ी दिक्कतें पैदा कर सकता है। तंबाकू का सेवन करने से हमारे शरीर में संक्रमणों से लड़ने की क्षमता कम होने लगती है। धूम्रपान न सिर्फ हमारे फेफड़ों को खराब करता है बल्कि इसका सेवन हमारी इम्युनिटी को भी कमजोर कर सकता है।