रामपुर। सुहागिनों ने सोमवार को वट सावित्री की पूजा कर अखंड सौभाग्य की कामना की। इस बार दो दिन अमावस्या होने के कारण पति की लंबी आयु के लिए रखा जाने वाला वट सावित्री व्रत कुछ स्थानों पर रविवार को ही मनाया गया। जबकि, अधिकांश स्थानों पर सोमवार को वट सावित्री का त्योहार मनाया गया।
सोमवार को सुहागिनों ने वट सावित्री की पूजा कर अखंड सौभाग्य की कामना की। सुहागिन महिलाओं ने सुबह से ही व्रत धारण कर लिया था। वट वृक्ष की पूजा-अर्चना कर अखंड सौभाग्य और परिवार की खुशहाली की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद व्रती महिलाओं ने सत्यवान-सावित्री की कथा भी पंडितों से सुनीं। पूजा स्थल पर पंडितों ने विधिवत पूजा करवाई। बाद में सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष में कच्चासूत बांधकर परिक्रमा करते हुए अखंड सुहाग की कामना की। ग्रामीण इलाकों में भी वट सावित्री का त्योहार पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। वट वृक्ष के नीचे सुहागिनों ने पूजा-अर्चना की। पूजा-अर्चना के बाद व्रती महिलाओं ने वट वृक्ष पर रक्षा सूत्र लपेटते हुए वट वृक्ष की परिक्रमा की। वहीं, अग्रवाल धर्मशाला स्थित मां शक्ति दरबार में पंडित विश्वनाथ मिश्रा ने वट पूजा कराई। विधि-विधान से पूजा अर्चना करने के बाद कथा सुनाई और परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। शनि अमावस्या भी मनाई गई। शक्तिपुरम स्थित श्रीत्रिपुरेश्वरी शक्ति पीठ में पीठाधीश आचार्य डॉ. राधेश्याम वासंतेय ने वट सावित्री पूजन कराया। महिलाओं में वट पूजन कर पति के दीर्घायु होने और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।