टांडा तहसील में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, बोले- प्राइवेट कर्मी कर रहे वादकारियों और अधिवक्ताओं का शोषण
संवाद न्यूज एजेंसी
टांडा। तहसील परिसर में शनिवार को अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने की मांग की।
अधिवक्ताओं ने पहले बैठक की। इसके बाद बार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सतपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसील में तैनात प्राइवेट कर्मियों द्वारा वादकारियों और अधिवक्ताओं का खुलेआम शोषण किया जा रहा है। सुविधा शुल्क के नाम पर अवैध वसूली की जाती है, इसके बावजूद समय से कार्य नहीं किए जाते। धारा 34, दाखिल-खारिज, परवाने न चढ़ाने जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं।
अधिवक्ताओं का कहना है कि एसडीएम न्यायालय में धारा 98 विक्रय अनुमति, धारा 76 पट्टेदार को भूमिधर बनाने, धारा 38 खतौनी दुरुस्तीकरण से संबंधित पत्रावलियां समेत अन्य न्यायिक प्रकरण लंबे समय से लंबित हैं। वहीं तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों में भी दाखिल-खारिज की पत्रावलियां निस्तारित नहीं की जा रही हैं। अधिवक्ताओं ने न्यायालयों में भ्रष्टाचार चरम पर होने का आरोप लगाया।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से प्रथी सैनी, जयप्रकाश सैनी, प्रताप सिंह चौहान, अशोक कुमार, दिनेश चौहान, अनूप सिंह, केपी सिंह चौहान, आलम हुसैन, मुवस्सर अली, सोमवार सिंह, समर सिंह, खुर्शीद अहमद सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।