रामपुर। ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में बृहस्पतिवार को जिले भर के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। रामपुर बार एसोसिएशन के बैनर तले एकत्र अधिवक्ताओं ने ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
बार एसोसिएशन ने तहसीलों में चल रहे आंदोलन का समर्थन किया है। इसी क्रम में बार के आह्वान पर जिले भर के अधिवक्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। इसके बाद उन्होंने डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।
अधिवक्ताओं का कहना था कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने से आम जनता के साथ-साथ अधिवक्ताओं, स्टांप वेंडरों और टाइपिस्टों के सामने भी गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उनका आरोप था कि नई व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया जटिल होगी और तकनीकी खामियों के कारण लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
अधिवक्ताओं ने डीएम को मौके पर बुलाकर ज्ञापन लेने की मांग की और स्पष्ट कर दिया कि वे सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन नहीं सौंपेंगे। प्रशासन की ओर से पहले सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन लेने भेजा गया, लेकिन अधिवक्ताओं ने उन्हें ज्ञापन देने से इंकार कर दिया।
बाद में रामपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद और महासचिव मोहम्मद उसमान के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद डीएम स्वयं ज्ञापन लेने पहुंचे और अधिवक्ताओं से ज्ञापन प्राप्त किया।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि ई-रजिस्ट्री लागू होने से पारंपरिक रजिस्ट्री व्यवस्था प्रभावित होगी, रोजगार पर असर पड़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने ई-रजिस्ट्री संबंधी आदेश वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर अध्यक्ष व महासचिव के अलावा वरिष्ठ उपाध्यक्ष सर्वजीत सिंह, संजीव यादव, अब्दुल खालिक, जाहिद खां, सरताज अली समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।