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कोरोना की जांच रिपोर्ट में देरी ने बढ़ाई परेशानी

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रामपुर। कोरोना जांच की रिपोर्ट आने में देरी ने स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ा दी है। लखनऊ भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट आने में एक सप्ताह से अधिक का वक्त लग रहा है। इस स्थिति से जिलाधिकारी ने शासन को अवगत कराया है। शासन स्तर से इस समस्या का जल्द ही समाधान निकाल लिए जाने की बात कही गई है।
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देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ती जा रही है। इस महामारी से उबरने के लिए सरकार रोजाना ज्यादा से ज्यादा टेस्ट करने पर जोर दे रही है. एक्सपर्ट मानते हैं कि वैक्सीन ना बनने तक कोरोना से बचाव का यही एक तरीका है। जिले में भी अधिक से अधिक लोगों का सैंपल लेने की कोशिश की जा रही है। एक-एक दिन में 600 से अधिक लोगों का सैंपल लेकर जांच को भेजा जा रहा है, लेकिन परेशानी यह आ रही है कि जिस रफ्तार से जांच के लिए सैंपल भेजे जा रहे हैं। उस रफ्तार से उसकी जांच रिपोर्ट नहीं आ रही है। इस वजह से सैंपल देने वाला सात-आठ दिनों असमंजस में फंसा रहता है कि पता नहीं रिपोर्ट क्या आएगी। सैंपल देने वालों की संख्या बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग सब पर नजर भी नहीं रख पा रहा है। इसके साथ ही बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों के लिए गाइड लाइन है कि उनको दस दिनों के आइसोलेशन के बाद डिस्चार्ज कर दिया जाए। जब सैंपल देने के सात-आठ दिनों के बाद रिपोर्ट आएगी तो फिर उनको कितने दिनों तक आइसोलेशन में रखा जाएगा और कब डिस्चार्ज किया जाएगा। जल्द रिपोर्ट नहीं आने की स्थिति में बिना लक्षण वाले मरीज में संक्रमण की पुष्टि नहीं हो पाएगी। हो सकता है कि ऐसी स्थिति में अन्य कुछ लोगों में संक्रमण फैल जाए।
जिले में पिछले कुछ दिनों से सैंपल की संख्या बढ़ा दी गई है। पहले जहां 100-150 की संख्या में सैंपल भेजा जाता था। अब औसतन 600 सैंपल भेजा जा रहा है। इस वजह से सिस्टम पर कुछ लोड भी बढ़ा होगा, लेकिन जांच रिपोर्ट में आने में आठ दिन की देरी से परेशानी बढ़ सकती है। इस महीने की शुरुआत तक तो तीन दिन तक पहले रिपोर्ट प्राप्त हो जा रही है, लेकिन जब से अधिक संख्या में सैंपल जा रहे तो जांच रिपोर्ट आने की रफ्तार कम हो गई है। इस स्थिति के बारे में जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने शासन को अवगत कराया है। शासन स्तर से इस समस्या का जल्द हल निकालने की बात कही गई है।
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