शार्टकट के फेर में लोग अपनी जान तक की परवाह नहीं कर रहे हैं। वे जान हथेली पर रखकर टूटे हुए पुल पर लगे पिलर के सहारे रास्ता तय कर मौत का खेल कर रहे हैं। अफसर भी आंख बंद कर तमाशा देख रहे हैं। लगता है सेतु निगम के अफसरों को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
कोसी नदी पर बने लालपुर के पुराने पुल को तोड़कर नया पुल बनाया जाना है। इसी क्रम में पहले पुराने पुल को तोड़ा जा रहा है। पुल के ध्वस्तीकरण का काम होने के चलते इस पुल को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। पुल को दोनों ओर से बंद किया गया है,ताकि कोई भी व्यक्ति इस पुल से रास्ता पार न करें। बिना किसी वैकल्पिक मार्ग के पुराने पुल को तोड़ देने के बाद टांडा क्षेत्र के पांच लाख लोगों का संपर्क मुख्यालय से संपर्क टूटा है।
मुख्यालय से संपर्क टूट जाने के बाद लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। शार्टकट के फेर में लोग अपनी जान की परवाह तक नहीं कर रहे हैं। लालपुर, खिजरपुर, ईश्वरपुर, बिचपुरी, सूरजपुर, अहमदाबाद, रुद्रपुर, बजावाला समेत तमाम गांव के लोग ही नहीं कालेज व यूनिवर्सिटी के छात्र तक अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं। हालत यह है कि लोग कोसी नदी के पानी में पहले उतर रहे हैं और फिर इसके बाद लोहे के पिलर के सहारे टूटे हुए पुल पर चढ़कर पुल को क्रास कर रहे हैं। सेतु निगम के अफसरों इसको लेकर गंभीर नहीं है। लोग जान की परवाह किए बिना पुल क्रास कर रहे हैं। अफसरों को शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार है।