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लक्खी बाग: जहां रुहेलों ने सबसे पहले डाला था डेरा

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रामपुर। अफगानिस्तान से आने वाले रुहेले जब बरेली, आंवला होते रामपुर की सीमा में पहुंचे थे तो उन्होंने सबसे पहले शाहबाद में डेरा डाला था। रामपुर रियासत के पहले नवाब फैजुल्ला खां अपनी टीम के साथ यहीं पर ठहरे थे। इसके बाद तमाम नवाब यहां विकास कराते गए, लेकिन करीब 140 साल पहले नवाब कल्बे अली खां के दौर में यहां आलीशान कोठी बनवाई गई और एक लाख पौधे लगवाए गए। एक लाख पेड़ होने की वजह से इसका नाम लक्खी बाग पड़ा था।
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रामपुर के इतिहास के जानकार शाहिद महमूद खां का कहना है कि नवाबी दौर में खास बाग इलाका नवाब खानदान के लिए रिजर्व था। नवाब कल्बे अली खां के दौर में इमारते बनने के साथ ही खासबाग में बड़ी तादात में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। हालांकि देखरेख के अभाव में कोठी जर्जर हो चुकी है। ऐसा कहा जाता है कि यहां एक सुरंग भी है, जो रामपुर में जाकर निकलती है, लेकिन अभी सुरंग मिली नहीं है।
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