रामपुर। जिलाधिकारी ने टीम-9 के अंतर्गत अधिकारियों से वर्चुअल मीटिंग करके जनपद में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए शासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे दिशा निर्देशों के अनुपालन की स्थिति के बारे में विस्तृत समीक्षा की।
जनपद स्तर पर स्थापित इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में प्राप्त हो रही फोन कॉल के पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए जरूरतमंद संक्रमित लोगों को बेड की उपलब्धता सुनिश्चित होने के संबंध में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया तथा कहा कि होम आइसोलेशन में रहकर अपना स्वास्थ्य उपचार करा रहे संक्रमित मरीजों से प्रतिदिन हालचाल लिया जाए तथा उनके स्वास्थ्य में सुधार की मॉनिटरिंग करते हुए आवश्यकता अनुरूप तत्काल जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जाएं।
गेहूं क्रय केंद्रों पर कोविड हेल्प डेस्क अनिवार्य रूप से बने, ताकि वहां आने वाले किसानों के स्वास्थ्य की भी स्क्रीनिंग की जा सके। इस दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में गेहूं खरीद प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि जनपद के ऐसे क्रय केंद्र जहां सबसे कम खरीदारी की गई है, उन केंद्रों की सूची तैयार कराते हुए संबंधित तहसील के उपजिलाधिकारी के स्तर से क्रय केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करके क्रय केंद्र पर कमियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के फीडबैक के आधार पर जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर्गत निर्धारित प्रावधान के तहत पंजीकरण कराने वाले किसानों के सत्यापन की कार्यवाही में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसमें लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित गेहूं क्रय केंद्रों का भी औचक रूप से निरीक्षण करें तथा गेहूं खरीद के लिए शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन का पालन न होने पर क्रय केंद्र प्रभारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।