रामपुर। कोसी नदी पर बने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की कंक्रीट को अलग कर दिया गया है। मरम्मत के कार्य के चलते रविवार रात से सभी वाहनों की आवाजाही एक माह के लिए पूरी तरह बंद कर दी गई। सभी वाहनों को बदले मार्ग से गुजारा जा रहा है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
दढ़ियाल क्षेत्र में बृहस्पतिवार को दिल्ली से नैनीताल जाने वाले मार्ग पर कोसी नदी पर बना 44 साल पुराना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। विशेषज्ञ और सेतु निगम के अधिकारियों की टीम के निरीक्षण के बाद लोक निर्माण विभाग रामपुर ने शनिवार को पुल की मरम्मत का कार्य शुरू किया था। मरम्मत का कार्य शुरू होने पर पुल से बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। शनिवार और रविवार को मजदूरों ने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की कंक्रीट को निकालकर अलग किया। जिसके बाद सोमवार से पुल की शटरिंग का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शटरिंग से लेकर लिंटर डालने के बाद उसकी सेटिंग में चार सप्ताह का समय लगेगा। इस दौरान पुल पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी, क्योंकि पुल पर वाहनों के आवागमन से कार्य पूरा नहीं किया जा सकेगा। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता मोहम्मद आजम ने बताया कि सोमवार से पुल की शटरिंग का कार्य किया जाएगा। इसके चलते रविवार रात से ही वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। सभी प्रकार के वाहनों को बदले मार्ग से गुजारा जा रहा है।
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पुल बंद होने से विद्यार्थियों और व्यापारियों को सबसे ज्यादा परेशानी
कोसी नदी के पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद हल्के वाहनों के आवाजाही की अनुमति थी। जिसमें बाइक, कार व ई-रिक्शा पुल के आधे हिस्से से गुजर रहे थे। भारी वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद थी, लेकिन रविवार रात से सभी तरह के वाहनों का पुल से आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। लोगों ने बताया कि रूट डायवर्जन के बाद जिस रास्ते से वाहनों को निकाला जा रहा है, वह काफी लंबा है। ऐसे में बाजपुर पढ़ने जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी आएगी। कारोबारियों को भी इससे नुकसान होगा।
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इस रास्ते से गुजारे जा रहे वाहन
दिल्ली और मुरादाबाद की ओर से आने वाले वाहन दढ़ियाल से काशीपुर मार्ग होते हुए बाजपुर जा रहे हैं। नैनीताल-बाजपुर से आने वालों वाहनों को मुंशीगंज से स्वार की ओर डायवर्जट किया गया है।