एक तरफ सर्दी का सितम, दूसरी ओर सड़कों पर मौत बनकर दौड़तीं बिना रिफलेक्टर की ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियां। इस कारण सड़क से राहगीरों का निकलना मुश्किल हो रहा है। परिवहन विभाग और पुलिस ऐसी ट्रैक्टर-ट्रालियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
इस समय सड़कों पर न केवल ओवरलोड वाहनों की भरमार है, बल्कि बिना रिफलेक्टर लगे वाहनों की भी कोई कमी नहीं है। सड़कों पर सरेआम घूम रही इस मौत से बचाने के लिए प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। हालांकि पुलिस ने कुछ वाहनों पर रिफलेक्टर लगाए हैं, लेकिन परिवहन विभाग और पुलिस न तो ऐसे वाहनों पर पुलिस प्रशासन कोई नकेल कस रही है और न ही रिफलेक्टर लगवा रही है। जिले के ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्र की बात की जाए तो क्षेत्र में ऐसे हजारों वाहन चल रहे हैं जो न केवल ओवरलोड हैं, बल्कि उनके पीछे रिफलेक्टर व स्टीकर तक भी नहीं लगे हैं। ओवरलोड वाहनों में सबसे ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉली और थ्री-व्हीलर हैं।
इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और थ्री-व्हीलर के पीछे रिफलेक्टर नहीं है। सर्दी के मौसम में धुंध के कारण यह दिखाई तक नहीं देते, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। ऐसा भी नहीं है कि पुलिस प्रशासन इन वाहनों से बेखबर है। पुलिस प्रशासन की नाक तले यह वाहन सड़कों पर बेरोक-टोक घूम रहे हैं। सर्दी के मौसम में यह वाहन मुसाफिरों के लिए मौत बनकर आते हैं। ओवरलोड वाहनों में सबसे ज्यादा ट्रैक्टर-ट्राली हैं। इन ट्रॉलों में ट्रकों जितना लोड डाला जाता है, वह पूरी तरह खतरनाक साबित हो रहे हैं। पुलिस प्रशासन इसको लेकर गंभीर नहीं हैं।