काठगोदाम हाईवे बनने से भोट गांव के तीन सौ मकानों के टूटने के खतरे पर ग्रामीणों ने आंदोलन की राह पकड़ ली है। जब भोट में ग्रामीणों की आवाज किसी ने नहीं सुनी तो सोमवार को सैकड़ों ग्रामीण जिला मुख्यालय पर आ धमके और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम के नेतृत्व में धरना- प्रदर्शन किया। इस दौरान सलाम ने चेताया कि भोट में एक भी मकान टूटा तो जिले की सड़कें जाम कर देंगे।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम के नेतृत्व में गांव के सैकड़ों लोग सुबह 10 बजे ट्रैक्टर ट्रालियों से जिला मुख्यालय पहुंच गए और अंबेडकर पार्क में धरना- प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान भोट के ग्रामीणों ने मकान टूटने से बेघर हो जाने पर सड़कों पर उतरने की रणनीति बनाई।
अब्दुल सलाम ने कहा कि रामपुर से काठगोदाम को जाने वाले हाईवे 87 को बनाने का विरोध हम नहीं कर रहे हैं। हमारा विरोध भोट गांव के तीन सौ मकानों को बचाने का है। हमारी मांग है हाईवे को गांव के बाहर से निकाला जाए। गरीबों किसानों के आशियानों को न उजाड़ा जाए। धर्मस्थलों और स्कूलों को नहीं तोड़ा जाए। अगर मकान टूटा तो हम गांव वालों के साथ सड़कें जाम करेंगे। गांव वालों को बेघर नहीं होने देंगे।
इस दौरान भूकन, राजेंद्र कुमार, धन सिंह, दिलदार, मोहम्मद अजीम, फईम, रामपाल, जयप्रकाश, इरशाद, हरप्रसाद, मक्खन सिंह, फैय्याज हुसैन, भगवान दास, किशन लाल, झाऊराम, प्रेमा देवी, इम्तियाज हुसैन, भावना, अखलाख के साथ ही सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कई घंटे अंबेडकर पार्क में नारेबाजी की और एनएचएआई अफसरों के खिलाफ गलत सीमांकन करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग उठाई।