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जाैहर विवि : पवन जैन से ईडी की पूछताछ में अहम खुलासे की आस

Sun, 13 Sep 2026 02:05 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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रामपुर। जाैहर ट्रस्ट को चंदा देने और जाैहर विवि के भवन निर्माण मामले में रामपुर के बिल्डर व ठेकेदार खालिद से पूछताछ के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कारोबारी पवन जैन को तलब किया है। पूर्व में सीके एसोसिएट के मालिक आरके जैन और आजम खां के बीच करीबी कारोबारी रिश्तों की चर्चा के बीच अब उनके भतीजे पवन जैन से पूछताछ में अहम खुलासे की संभावना जताई जा रही है। ईडी की जांच फिलहाल आरके जैन के दौर में कारोबार, ठेकों और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़ी कड़ियों पर टिकी है।
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कोरोना काल में आरके जैन के निधन के बाद उनके कारोबार की जिम्मेदारी भतीजे पवन जैन के पास आ गई। अब ईडी का समन मिलने के बाद पवन जैन से पूछताछ को पुराने कारोबारी नेटवर्क की कड़ियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, रामपुर में आजम खां के प्रभाव वाले दौर में आरके जैन की कारोबारी गतिविधियों को लेकर तरह-तरह के सवाल उठते रहे हैं। निर्माण कार्यों और ठेकों से जुड़े मामलों में उनकी प्रभावी भूमिका रहती थी। किस ठेकेदार को काम मिले, कितना काम आवंटित हो और कौन सा निर्माण कार्य किसके हिस्से आए, इन मामलों में भी उनकी दखलंदाजी के आरोप लगते रहे हैं। आजम खां और आरके जैन के बीच करोड़ों रुपये के कथित कारोबारी लेनदेन की चर्चा भी रही है, हालांकि इन लेनदेन से जुड़े वास्तविक तथ्य जांच में ही स्पष्ट होंगे।



निजी से सरकारी ठेकों तक उठेंगे सवाल
जांच का सबसे अहम पहलू निजी ठेकों के साथ सरकारी निर्माण कार्यों से जुड़ा नेटवर्क हो सकता है। यदि पूछताछ में ठेकों के आवंटन, भुगतान और संबंधित लोगों के बीच लेनदेन से जुड़े दस्तावेज सामने आते हैं तो आजम खां के प्रभाव वाले दौर में सक्रिय रहे कारोबारी नेटवर्क की कई परतें खुल सकती हैं।
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पवन जैन के बयान और ईडी के हाथ लगने वाले दस्तावेज यह स्पष्ट कर सकते हैं कि आरके जैन का कारोबार किन लोगों और संस्थाओं से जुड़ा था, सरकारी कार्यों में उनकी भूमिका कितनी थी और करोड़ों रुपये के कथित लेनदेन की वास्तविक प्रकृति क्या थी। ईडी की पूछताछ इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसके जरिए आरके जैन के समय के कारोबारी नेटवर्क से जुड़े पुराने रिकॉर्ड फिर जांच के केंद्र में आ सकते हैं।
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अफसरों के तबादलों में आरके जैन की होती थी दखलंदाजी
रामपुर में किस अफसर की तैनाती होनी है और किसकी नहीं। इसमें आजम खां के करीबी आरके जैन की दखलंदाजी हुआ करती थी। उस वक्त के जानकार बताते हैं कि रातों-रात वह डीएम-एसपी के तबादला कराने की ताकत रखते थे। कई अफसर उनके निशाने पर आने के बाद रामपुर से तबादला कराकर चले गए थे।
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