जिला पंचायत सदस्य के चुुनाव परिणाम में खारिज हुए मतों की भी अहम भूमिका रही। खारिज मतों के आंकड़े विजयी प्रत्याशियों की तस्वीर बदल सकते थे। जिला पंचायत 16 वार्डों में हार-जीत के मतों का अंतर खारिज मतों से कहीं कम है। खारिज मत अन्य वार्डों की तरह विधि मान्य मत होते तो हारने-जीतने वाले प्रत्याशियों की तस्वीर भी बदल सकती थी।
खारिज मतों की सबसे अहम भूमिका वार्ड नंबर 14 में देखने को मिली। यहां पर नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य ने महज 29 मतों से जीत दर्ज की है। इस वार्ड से खारिज होने वाले मतों की संख्या 1231 है। जिला पंचायत चुनावों के सभी परिणाम सोमवार को जारी कर दिए गए। जिले में 35 सदस्यों का मताधिकार के जरिये चयन हो गया।
उन्हें जीत के प्रमाण-पत्र भी वितरित कर दिए गए। जिला पंचायत चुनाव में परिणामों के बाद अब कई दिनों तक प्रत्याशी हार-जीत के गणित को सुलझाने में लगे रहेंगे। ऐसे में उन प्रत्याशियों को अधिक दर्द होगा जिनकी हार-जीत का अंतर काफी कम है।
उसमें भी उस वार्ड में खारिज मतों की संख्या कहीं अधिक है। जिला पंचायत चुनावों के परिणामों में कुल 16 वार्ड ऐसे हैं जिनके परिणाम में हार-जीत के मतों का अंतर खारिज मतों से कम है। ऐसे में इन प्रत्याशियों के जहन में यह बात उठ सकती है यदि यह मत खारिज न होते तो शायद चुनाव परिणामों की तस्वीर कुछ और होती।