आवास विकास परिषद ने कराई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, 50 साल बाद जमीन पर लिया कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। आवास विकास परिषद की जमीन पर बने तीन मकानों को मंगलवार को जेसीबी के जरिये ध्वस्त कर दिया गया। तीन मकानों में पांच परिवार पिछले 50 साल से रह रहे थे। कार्रवाई के दौरान परिवार के लोगों ने परिषद की कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए हंगामा किया। पुलिस ने किसी तरह हंगामा कर रहे लोगों को शांत किया। दिनभर चली कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
आवास विकास परिषद की एक टीम मंगलवार की सुबह जौहर रोड पर कलक्ट्रेट के सामने बने आवास विकास परिषद के आवासों के सामने पहुंची। टीम ने मंगलवार को यहां पहुंचकर विक्की सैनी व उनके परिवार के दो अन्य मकानों को खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी, जिस पर परिवार के लोग भड़क गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान परिवार के लोगों ने मकान खाली करने से इन्कार किया।
परिषद के अफसरों का कहना था कि जिस जमीन पर मकान बने हैं यह जमीन आवास विकास परिषद की है, जबकि परिवार के लोग इससे इन्कार कर रहे थे। उनका कहना था कि यह जमीन उनकी है और आवास विकास परिषद ने कोई मुआवजा नहीं दिया है। आवास विकास के अधिकारी लगातार उत्पीड़न कर रहे हैं। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में परिवार के लोगों ने आननफानन सामान निकाला।
इस दौरान जेसीबी की कार्रवाई लगातार चलती रही। जेसीबी से यहां बने विक्की सैनी, प्रसादी सैनी, मुकेश सैनी के मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान यहां रहने वाली महिलाएं सुबकते हुए नजर आईं। करीब चार घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान तीनों मकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
1989 में दिया गया था मुआवजा
आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता रंजीत सिंह का कहना है कि आवास विकास परिषद की ओर से यह जमीन खरीदी जा चुकी थी। 1989 में परिषद की ओर से जमीन के स्वामियों को मुआवजा भी दिया जा चुका था। इसके बाद भी यह जमीन खाली नहीं की गई। हाईकोर्ट में भी यह मामला गया था, जहां से आवास विकास परिषद के पक्ष में फैसला आया है।
कड़ाके की ठंड में बेघर हो गए तीन मकानों में रहने वाले पांच परिवार
अफसरों ने सामान निकालने के लिए दिए चंद मिनट
रामपुर। कड़ाके की ठंड में तीन मकानों में रहने वाले पांच परिवार के लोग बेघर हो गए। इन लोगों को आवास विकास परिषद के अफसरों ने सामान निकालने के लिए चंद मिनट का समय दिया। परिवार की महिलाओं ने जब विरोध किया तो उनको पुलिस के जरिये बाहर करा दिया गया।
आवास विकास परिषद की आननफानन में की गई कार्रवाई सवालों के घेरे में रही। परिषद के अफसरों की एक टीम पुलिस बल के साथ मंगलवार की सुबह करीब दस बजे कलक्ट्रेट के सामने स्थित आवासों के सामने पहुंच गई। परिषद के अफसरों ने घरों में रहने वाले विक्की सैनी व दो अन्य मकानों में रहने वाले लोगों को तुंरत सामान निकालने को कहा, जिस पर हड़बड़ी मच गई।
कड़ाके की ठंड में अफसरों का यह आदेश सुनकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए। लोगों ने समय की मांग की, लेकिन अफसर नहीं माने। महिलाओं ने भी इसका विरोध किया तो अफसरों ने पुलिस की मदद से परिवार के सदस्योें को बाहर कर दिया। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ।
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उत्पीड़न के लगाए आरोप
आवास विकास परिषद ने उत्पीड़न किया है। हम 1970 से यहां रह रहे हैं। परिषद ने जमीन खरीदी थी, लेकिन इसका मुआवजा नहीं दिया। इसके अलावा प्लॉट भी नहीं दिया था। हाईकोर्ट तक लड़ाई लड़ी है। आवास विकास परिषद हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रहा है। -विक्की सैनी
आवास विकास परिषद ने न तो मुआवजा दिया और न ही प्लॉट। बिना किसी सूचना के बाद परिषद के लोग यहां आ गए और कार्रवाई की है। अब हम कड़ाके की ठंड में कहां जाएंगे। -मुन्नी देवी
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आवास विकास परिषद के अफसरों ने उत्पीड़न किया है। हमारे परिवारों को उजाड़ दिया है। अब हम लोग कहां जाएंगे। 40 साल से हम लोग यहां रह रहे हैं। -सावित्री