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Rampur News: कोर्ट में सरेंडर कर जयाप्रदा ने बोला सॉरी, तीन घंटे हिरासत में रहीं

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रामपुर। आचार संहिता के उल्लंघन के दो मामलों में फरार चल रहीं फिल्म अभिनेत्री और पूर्व सांसद जयाप्रदा ने सोमवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वह तीन घंटे तक कोर्ट में ही न्यायिक हिरासत में रहीं। इसके बाद उन्हें जमानत मिल गई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि आखिर आप कोर्ट में क्यों नहीं आ रही थीं। इस पर पर पूर्व सांसद ने कहा कि सॉरी मैं बीमार थी। इस वजह से नहीं आ पा रही थी। मैं कोर्ट का सम्मान करती हूं और भविष्य में इस तरह की गलती नहीं होगी।पूर्व सांसद जयाप्रदा के खिलाफ 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान स्वार और केमरी थाने में आचार संहिता के उल्लंघन के दो मामले दर्ज किए थे। ये दोनों मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। एक मामले में अभियोजन की गवाही पूरी होने के बाद पूर्व सांसद के बयान दर्ज होने थे, जबकि दूसरे मामले में गवाही चल रही थी लेकिन पूर्व सांसद कोर्ट में पेश नहीं हो रही थीं। इसके चलते कोर्ट ने पूर्व सांसद के खिलाफ सात बार गैर जमानती वारंट जारी किए। साथ ही जमानतियों की पत्रावलियों को खोल दिया गया था।
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27 फरवरी को कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए पूर्व सांसद को फरार घोषित कर दिया था। साथ ही पुलिस को आदेश दिए थे कि उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए। साथ ही सीओ के नेतृत्व में टीम गठित करने को कहा था। इसके बाद सोमवार को दोपहर करीब एक बजे पूर्व सांसद जयाप्रदा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में सरेंडर कर दिया। साथ ही अपने खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को निरस्त करने की मांग की, जिस पर सुनवाई हुई। इस दौरान जयाप्रदा से कोर्ट ने सवाल भी दागे। कोर्ट ने पूछा कि आखिर वह कोर्ट में हाजिर क्यों नहीं हो रही थीं और ट्रायल में क्यों सहयोग नहीं कर रही हैं। इस पर पूर्व सांसद ने अपनी बीमारी के बारे में बताया। कहा कि फिर कभी ऐसी गलती नहीं होगी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने तर्क दिया कि पूर्व सांसद जमानत का दुरुपयोग कर रही हैं और ट्रायल में सहयोग नहीं कर रही हैं। इसलिए प्रार्थना पत्र को निरस्त किया जाए। वहीं जयाप्रदा के अधिवक्ता प्रवीण कुमार और राजेंद्र प्रसाद लोधी ने तर्क दिया कि जयाप्रदा काफी समय से बीमार हैं, इसलिए कोर्ट नहीं पहुंच रही थीं। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल शोभित बंसल ने 20-20 हजार रुपये के दो जमानती और इतनी ही धनराशि के मुचलका और अंडरटेकिंग दाखिल करने पर पूर्व सांसद को जमानत दे दी। पूर्व सांसद दोपहर एक बजे से चार बजे तक न्यायिक हिरासत में रहीं। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए छह मार्च की तारीख तय कर दी।
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कोर्ट से बाहर कहा- चुनाव प्रचार के लिए आती रहूंगी रामपुर
कोर्ट से राहत मिलने के बाद बाहर आईं पूर्व सांसद ने मीडिया से भी बातचीत की। पूर्व सांसद ने कहा कि मैं न्यायपालिका का सम्मान करती हूं। मैं काफी समय से बीमार चल रही थी। इस वजह से नहीं आ पा रही थी। मैंने आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया था। आचार संहिता के दौरान सड़क का उद्घाटन किया था। इसके अलावा कोई गलत काम नहीं किया था। इसमें भी कोई गलती हो गई हो तो उन्हें माफ कर दें। उन्होंने कोर्ट के बाहर कहा कि लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए वो रामपुर आती रहेंगी, क्योंकि यहां की जनता ने उन्हें बहुत प्यार दिया और दो बार सांसद बनाया। इसकी वह आभारी हैं। उन्होंने मोदी और योगी सरकार की नीतियों की सरहाना की। कहा कि भाजपा सरकार में महिला सुरक्षा काफी मजबूत हुई है। सपा नेता आजम खां के सवाल को उन्होंने टाल दिया।


न्यायिक हिरासत के दौरान बदलते रहे चेहरे के भाव
रामपुर। पूर्व सांसद जयाप्रदा कोर्ट में करीब तीन घंटे न्यायिक हिरासत में रहीं। इस दौरान उनके चेहरे के भाव पल-पल बदलते रहे। वह अपने अधिवक्ताओं से विचार-विमर्श करती रहीं। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली। उनके समर्थक भी कोर्ट परिसर में पहुंच गए थे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
पूर्व सांसद जयाप्रदा के दो मुकदमों छह मार्च की तारीख तय थी, लेकिन दो दिन पहले ही रामपुर आ गईं और उन्होंने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उनके खिलाफ कोर्ट की ओर से सात गैर जमानती वारंट जारी किए थे। कोर्ट उनके जमानतियों की पत्रावलियां भी खोल चुकी थीं। 27 फरवरी को उन्हें फरार घोषित कर दिया गया था। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे वह वकीलों के चैंबर से होती हुई सीधे एमपी-एमएलए कोर्ट में पहुंच गईं। उनके साथ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद लोधी भी मौजूद रहे। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में ले लिया। तीन घंटे तक वह कोर्ट की न्यायिक हिरासत में रहीं। इस दौरान उनके चेहरे की रंगत बार-बार बदलती रही। कोर्ट से बाहर निकलने पर परिसर में पहुंची पूर्व सांसद जयाप्रदा के साथ उनके समर्थकों ने सेल्फी लेनी शुरू की। इस दौरान पूर्व सांसद भी फोटो खिंचवाती हुई नजर आईं। कोर्ट में पेशी के बाद उनको समर्थकों ने घेर लिया।

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पुलिस को चकमा देकर कोर्ट पहुंच गईं जयाप्रदा
फरार घोषित हो चुकीं पूर्व सांसद जयाप्रदा को पुलिस गिरफ्तार कर पाने में कामयाब नहीं हो सकी। पुलिस के सामने ही पूर्व सांसद जयाप्रदा कोर्ट पहुंच गईं। चेहरे पर मास्क लगाकर कोर्ट पहुंची जयाप्रदा की गिरफ्तारी के आदेश कोर्ट ने दिए थे। फिल्म अभिनेत्री होने के साथ ही जयाप्रदा रामपुर की दो बार सांसद भी रह चुकी हैं। उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस की एक टीम दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद तक जरूर गई थी, लेकिन पुलिस उनको गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। सोमवार को पूर्व सांसद ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वह पहले अधिवक्ताओं के चैंबर में पहुंचीं, जहां से वह चेहरे पर मास्क लगाकर पुलिस के सामने से होते हुए कोर्ट तक पहुंच गईं। उनके आने की सूचना पर पुलिस सक्रिय जरूर हो गई थी। कोर्ट परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया था। खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया था। इसके बाद भी पुलिस पूर्व सांसद को गिरफ्तार नहीं कर सकी।
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