जौहर विश्वविद्यालय में ग्राम सभाओं के चकरोड की जमीन पर कब्जा कर निर्माण कराने के मामले में राजस्व परिषद इलाहाबाद ने प्रशासन से मूल अभिलेख तलब कर लिए हैं। इसमें चकरोड के खाता संख्या और अन्य दस्तावेज भी शामिल हैं। इन मूल दस्तावेजों को तहसीलदार इलाहाबाद लेकर जाएंगे।
पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी में चकरोड की जमीन भी शामिल है। आरोप है कि आजम खां ने मंत्री पद पर रहते हुए गलत तरीके से चकरोड की जमीन को यूनिवर्सिटी में शामिल करा लिया था। इस संबंध में लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष आकाश सक्सेना हनी ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी।
मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए थे, जिसमें आरोप सही पाए। इस पर मुरादाबाद मंडल के आयुक्त ने जिलाधिकारी को राजस्व परिषद में वाद दायर करने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी ने एक साथ चार वाद दायर करा दिए थे। राजस्व परिषद ने जिलाधिकारी की दलील को सही मानते ही वाद चलाने की अनुमति दे दी थी।
अब इस मामले में परिषद ने जिला प्रशासन से चकरोड से संबंधित सभी मूल दस्तावेज तलब किए हैं। इसमें चकरोड के नंबर, रकबा आदि का पूरा ब्योरा मांगा है। इसको लेकर परिषद ने एसडीएम टांडा और सदर को निर्देश जारी कर दिए हैं। अफसर मूल दस्तावेजों की फाइलें मंगाकर उनका अध्ययन कर रहे हैं।