वह पाकिस्तान से कपड़े और सूट मंगाकर बेचा करता था। उन्होंने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि अगर हम पाकिस्तान से पैसा कमा रहे होते, तो दस साल में घर बनाने में इतनी मुश्किलें क्यों आतीं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शहजाद के घर पहुंचकर तलाशी ली और परिवार से पूछताछ की।
पूरे मोहल्ले में इस घटना को लेकर लोग सन्न हैं और कोई भी खुलकर कुछ कहने से बच रहा है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि शहजाद के पाकिस्तान से संबंध किस हद तक थे और क्या वह सच में आईएसआई के लिए जासूसी कर रहा था।
एटीएस को खुफिया सूचना मिली थी कि रामपुर निवासी एक युवक भारत-पाकिस्तान की सीमा पर तस्करी का कार्य करता है। उसे आईएसआई का संरक्षण मिला है। वह आईएसआई के लिए जासूसी करने की देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है। गहनता से जांच करने पर पता चला कि रामपुर के टांडा स्थित आजाद नगर का रहने वाला शहजाद बीते कई वर्षों से पाकिस्तान जाता-आता है।
वह चोरी छिपे भारत व पाकिस्तान के बीच कॉस्मेटिक्स, कपड़े, मसाले व अन्य सामान अवैध रूप से सीमा पार से लेकर आता है। इसकी आड़ में आईएसआई के लिए काम करता है। वह आईएसआई के एजेंट्स से लगातार संपर्क में है और देश की सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं साझा की हैं। तत्पश्चात एटीएस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और मुरादाबाद से उसे दबोच लिया।
पूछताछ में उसने बताया कि वह रामपुर के साथ प्रदेश के कई अन्य स्थानों से भी लोगों को तस्करी की आड़ में आईएसआई के लिए काम करने के उद्देश्य से पाकिस्तान भेजता था। उनके वीजा आदि का इंतजाम आईएसआई के एजेंट कराते थे। शहजाद ने भारत के खिलाफ जासूसी के लिए आईएसआई को भारतीय सिम भी उपलब्ध करवाए थे।