शाहबाद (रामपुर)। सामूहिक विवाह योजना के लिए नगर पंचायत शाहबाद में आए 53 आवेदनों की जांच होने पर 23 निस्त हो गए हैं। साथ ही कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। कई अपात्रों ने सांठगांठ कर आवेदन तो कर दिए, लेकिन कई आवेदनकर्ताओं ने कार्रवाई के डर से खुद ही आवेदन निरस्त करा दिए। आवेदनकर्ता एक युवती की मौत के बाद परिजनों ने उसकी जगह दूसरी बेटी के लिए लाभ लेना चाहते थे। खुलासा होने पर आवेदन निरस्त कर दिया है।
14 फरवरी को होने वाले सामूहिक विवाह योजना में जोड़ो को बैठाने की तैयारी जिला प्रशासन ने पूरी कर ली है। लेकिन इस सामूहिक विवाह योजना में बिचौलियों की सेंधमारी अब भी जारी है। सोमवार को नगर पंचायत में आए हुए 53 आवेदनों की जांच शुरू कर दी गई। जांच के दौरान टीम को 23 आवेदन ऐसे मिले, जो वाकई अपात्र थे। इन अपात्र आवेदनकर्ताओं से बिचौलियों ने सांठ-गांठ के जरिए, लाभ लेने की बात कही थी। जब नगर पंचायत टीम ने वर और वधु को रामपुर सामूहिक विवाह योजना में शामिल होने की बात कही, तो इन लोगों ने वर और वधु को रामपुर सामूहिक विवाह योजना में शामिल न होने की बात कही। आवेदनकर्ताओं ने खुलासे के डर से और रामपुर सामूहिक विवाह में जाने से इनकार कर दिया, और इस तरह से अपना आवेदन कई लोगों ने खुद निरस्त करवा दिया। वहीं एक युवती का आवेदन नगर पंचायत को मिला था। जिस युवती का शादी के लिए आवेदन किया था, उस युवती की मौत हो गई। जिसके बाद युवती के परिजन दूसरी बेटी को वधु दर्शाकर उसे लाभ दिलाना चाह रहे थे। जिस पर नगर पंचायत टीम ने इस आवेदन को भी निरस्त कर दिया। नगर पंचायत कर्मियों ने बताया कि प्रथम चरण की जांच के बाद द्वितीय चरण की जांच सोमवार को हुई है। इस जांच में 23 आवेदन अपात्र पाए गए है। अब तृतीय चरण की जांच करेंगे। संभावित अपात्र की संख्या में इजाफा हो सकता है।
-
पूर्व में विधवा, मां-बेटी, पिता-पुत्र ने एक साथ किया था शादी के लिए आवेदन
पूर्व में हुए सामूहिक विवाह के लिए आए हुए आवेदनों में से शाहबाद से विधवा महिला, मां-बेटी, पिता-पुत्र ने लाभ लेने के लिए एक साथ आवेदन किया था। खुलासे होने के बाद इन सभी आवेदनों को निरस्त किया गया था। उस दौरान भी 189 आवेदन आए थे, जिनमें केवल 10 आवेदन ही पात्रता की श्रेणी में थे। संवाद
-
यह मिलता है लाभ
सामूहिक विवाह योजना में 51 हजार रूपये का लाभ दिया जाता है। जिसमे 35 हजार रूपये वधु के खाते में दिए जाते है, 10 हजार का समान लेने के लिए रूपये दिए जाते है, और छह हजार रूपये विवाह आयोजन के लिए दिए जाते है।