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महंगाई की मार: रसोई का बजट बिगाड़ रहे बढ़ते खाद्य पदार्थों के दाम

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पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बढ़ी माल ढुलाई लागत, तेल, दाल और आटा-चीनी के दाम चढ़े
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों की रसोई पर साफ दिखाई देने लगा है। पिछले एक महीने में आटा, दाल, चीनी और खाद्य तेल समेत कई जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। बाजार में सबसे अधिक बढ़ोतरी सरसों तेल और रिफाइंड के दामों में दर्ज की गई है।
व्यापारियों का कहना है कि परिवहन खर्च बढ़ने और थोक बाजार से माल महंगा आने के कारण खुदरा कीमतों में वृद्धि हुई है। किराना बाजार में सरसों तेल के दाम में करीब 20 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हुआ है, जबकि रिफाइंड भी पहले की तुलना में महंगा हुआ है। इसके अलावा अरहर, चना और मसूर दाल के भाव बढ़ने से रसोई का खर्च और बढ़ गया है। आटा, मैदा और चीनी की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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व्यापारी राजेश गुप्ता और मुरसलीन ने बताया कि माल ढुलाई महंगी होने से रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत बढ़ रही है। वहीं, उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण परिवार का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। सीमित आय वाले परिवारों को खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है और लोग राहत की उम्मीद लगाए हुए हैं।

पिछले एक माह में इन सामग्रियों के बढ़े दाम
सामग्री पहले अब
सरसों का तेल 170 रुपये लीटर 190 रुपये लीटर
रिफाइंड 180 रुपये लीटर 190 रुपये लीटर
चीनी 45 रुपये किग्रा. 48 रुपये किग्रा.
मसूर की दाल 110 रुपये किग्रा. 120 रुपये किग्रा.
आटा 33 रुपये किग्रा. 35 रुपये किग्रा.
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