देश के आजाद होने के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल पहले गृहमंत्री बने थे। उनको देश में उस वक्त की मौजूद रियासतों का विलय कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिम्मेदारी मिलने के बाद पटेल ने रामपुर की रियासत का विलय कराने की कोशिशें शुरू कर दी थीं। उनकी मेहनत रंग लाई और 1949 में रामपुर रियासत का विलय भारत में हो गया।
174 साल आठ माह रही रामपुर में नवाबों की हुकूमत
इतिहासकार नफीसउद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि रामपुर में आजादी के करीब दो साल बाद यानी 30 जून 1949 को रामपुर रियासत का विलय हुआ था। इसी दिन से रामपुर भी आजाद देश में शामिल हो पाया था। रामपुर रिसायत के पहले नवाब फैजुल्ला अली खां रहे।
जबकि नवाब रजा अली खां आखिरी नवाब। नवाब रजा अली खां ने ही रामपुर रियासत को विलय करने पर सहमति जताते हुए हस्ताक्षर किए थे। इस तरह रामपुर में 174 साल आठ माह और 23 दिन तक नवाबों का शासन रहा।