दहेज उत्पीड़न के दर्ज मुकदमे को लेकर बैठी पंचायत में पति ने पत्नी को तीन तलाक दे दिया और तीन साल की बच्ची को जबरन उठाकर ले जाने की कोशिश की। इस मामले में महिला ने पति सहित तीन के खिलाफ मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अध्यादेश 2018 के धारा तीन और चार के साथ-साथ आईपीसी की धारा 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला घेरमीर बाज खां निवासी फौजिया खान का कहना है कि करीब छह साल पहले उसकी शादी दिल्ली के पड़पड़गंज निवासी खुर्रम शहजाद अली से हुई थी। शादी के तीन साल के बाद महिला ने एक बेटी को जन्म दिया था। फौजिया का कहना है कि उसके ससुराल वाले शादी में मिले दहेज से खुश नहीं थे। इसको लेकर उसको मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। इसके बाद वह अपने मायके आ गई और अपर पुलिस महानिदेशक, बरेली जोन के आदेश पर रामपुर के महिला थाने में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर दिया, जो अदालत में विचाराधीन है।
उसका आरोप है कि इस मुकदमे को वापस लेने को लेकर उसके पति, सास और देवर दबाव बना रहे थे। इसको लेकर कई लोगों को उसके घर पर भेजा। 10 अगस्त को आरोपी समझौता करने के उद्देश्य से उसके खालू के यहां कटकुईया मोहल्ले में पहुंच गए थे ।फौजिया अपने पिता के साथ पहुंच गई। पंचायत में आरोपी महिला पर लांछन लगाने लगे और प्रोपर्टी अपने नाम करने का नजायज दबाव बनाने लगे। फौजिया और उसके पिता ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी गाली-गौलच पर उतारू हो गए। महिला का आरोप है कि अपने परिवारवालों के उकसाने पर पति ने पंचायत में तीन तलाक दे दिया और तीन साल की बच्ची को उठाकर ले जाने की कोशिश करने लगे। जब उसके पिता और खालू ने विरोध किया तो वह गाली-गलौच करते हुए भाग गए। फौजिया की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति खुर्रम शहजाद अली, सास अमीना और देवर सिकंदर के खिलाफ आईपीसी की धारा 506, मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अध्यादेश 2018 की धारा तीन और चार के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कानून बनने के बाद जिले में तीसरा मामला
तीन तलाक के विरोध में संसद में बिल पारित होने के बाद यह जिले में तीसरा मामला है। पहला मामला मिलक में सामने आया था। उसके बाद दूसरा मामला कोतवाली क्षेत्र में। अब तीन तलाक को लेकर जिले में तीसरा मुकदमा दर्ज किया गया है।