पूर्व मंत्री आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम खां की विधायकी खतरे में पड़ सकती है क्योंकि उनकी उम्र 25 साल से कम है। सीबीएसई की दसवीं की अंक तालिका पर नजर दौड़ाई जाए तो उनका जन्म एक जनवरी 1993 का है। इस हिसाब से नामांकन भरते वक्त उनकी उम्र 25 साल से ज्यादा होनी चाहिए थी, लेकिन 25 साल की उम्र पूरी होने में नौ माह का वक्त बाकी था।
मार्कशीट के खुलासे के बाद अब यह भी सवाल उठ रहा है कि असली मार्कशीट है या फिर उस वक्त पेश किया गया लखनऊ नगर निगम की ओर से जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र। फिलहाल यह विवाद फिर गहरा गया है। इस मामले को स्वार टांडा के पूर्व विधायक काजिम अली खां नवेद मियां ने हाईकोर्ट में भी उठाया है। हाईकोर्ट में इसको लेकर रिट भी दायर कर दी है।
पूर्व मंत्री आजम खां ने विधानसभा चुनाव में अपने बेटे अब्दुल्ला आजम खां को स्वार सीट से सपा प्रत्याशी बनाया था। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बसपा प्रत्याशी रहे नवाब काजिम अली खां ने सपा प्रत्याशी की उम्र कम होने का दावा पेश किया था,लेकिन निर्वाचन अधिकारी के सामने नवेद मियां कोई सुबूत पेश नहीं कर पाए थे। इस बीच निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अब्दु्ल्ला आजम की ओर से जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया था। लखनऊ नगर निगम की ओर से जारी किए गए प्रमाण पत्र में उस वक्त उनकी जन्म तिथि 30 सितंबर 1990 दिखाई गई थी,जिसके अनुसार उस वक्त उनकी उम्र 26 साल चार माह की मान ली गई थी।
निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें क्लीन चिट देते हुए चुनाव लड़ने की अनुमति प्रदान कर दी थी। इसके बाद अब्दुल्ला आजम ने खूब चुनाव लड़ा और फिर यहां चार बार विधायक रहे नवाब काजिम अली खां को भारी मतों के अंतर से पराजित भी कर दिया था। विधायक बनने के बाद अब एक बार फिर उम्र का विवाद उठा है। अब्दुल्ला आजम के धुर विरोधी काजिम अली खां ने हाईकोर्ट में उम्र को लेकर सवाल उठाया है। अब की दफा नवेद मियां ने अब्दुल्ला आजम की सीबीएसई द्वारा 2007 में जारी की गई हाईस्कूल की मार्र्कशीट पेश की है,जिसमें उनकी उम्र में एक जनवरी 1993 दर्शायी गई है। यानि इस हिसाब से उनकी उम्र नामांकन के वक्त 24 वर्ष व एक माह बैठ रही है। फिलहाल मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। हाईकोर्ट में क्या फैसला आएगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा,लेकिन फिलहाल अब्दुल्ला की उम्र का विवाद एक बार फिर शुरू हो गया ह