नोटबंदी को लेकर बैंकों ने 16 वें दिन लोगों को पूरी तरह से भुगतान नहीं किया गया। इससे लाइन में लगे ग्राहक भुगतान न मिलने पर परेशान रहे। पंजाबनगर में प्रथमा बैंक के ग्राहकों ने हंगामा कर नैनीताल हाईवे जाम कर एक घंटा प्रदर्शन किया। पुलिस ने सभी को समझाकर शांत कर जाम खुलवाया। बाद में ग्राहकों को टोकन देकर उनके घर भेजा।
गुरुवार की सुबह से नगर व क्षेत्र की सभी बैंकों के बाहर नोट बदलने व निकालने वाले जमा हो गए। बैंक खुलते ही जबरन लोग कतारों से बाहर निकलकर बैंकों में घुसने का प्रयास करने लगे। ग्राम पंजाबनगर स्थित प्रथमा बैंक पर सुबह से ही लाइन में लगे लोगों को साढ़े दस बजे बैंक कर्मियों ने बताया कि शाखा प्रबंधक चंद्रसेन अवकाश पर हैं और प्रभारी शाखा प्रबंधक डीके सिंह कैश लेने के लिए रामपुर गए हैं। जिले में उनकी बैंक को कैश नहीं मिल पा रहा है। लिहाजा आज वह कैश का वितरण नहीं कर सकेंगे। केवल कैश जमा करने का कार्य ही करेंगे।
बैंक कर्मियों की बात सुनकर लाइनों में मौजूद ग्राहकों ने हंगामा करना शुरूकर दिया कि वह दो सप्ताह से लगातार आ रहे हैं, मगर उन्हें नए नोट नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने बैंक कर्मियों पर प्रभावशाली लोगों से साठगांठ कर उन्हें नए नोट देने का भी आरोप लगाया। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने नारेबाजी करते हुए हाईवे पर खजूर का पेड़ डालकर जाम लगा दिया। जाम लगते ही नैनीताल हाईवे पर रुद्रपुर व रामपुर की आरे से आने वाले वाहन जाम में फंस गए। सूचना पर करीब आधा घंटे बाद कोतवाली प्रभारी राजेश सिंह सोलंकी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने सभी को समझाकर जाम खुलवाया। कोतवाली प्रभारी ने बैंक कर्मियों से बात करके लाइन में लगे लोगों को टोकन दिलाकर शुक्रवार की सुबह बैंक आने को कहा। इस बीच मनकरा किसान सेवा सहकारी समिति के पूर्व सभापति अबुल कलाम भी पहुंच गए और लोगों को समझाकर उनके घर भेज दिया। जाम लगाने वालों में पंजाबनगर, मिलक मुंडी, मुल्लखेड़ा, पजाबा, महेशपुरा, सदराखेड़ा आदि गांवों के लोग मुख्य थ