रामपुर। मौत के कुएं में बाइक चलाने वाले मुजफ्फरनगर के बाइकर्स पर आठ साल पहले हुए जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने शाहबाद के हिस्ट्रीशीटर को 10 साल की कैद और 51 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
मामला शाहबाद कोतवाली क्षेत्र का है। वर्ष 2018 में क्षेत्र के सैफनी कसबे में भूड़ा आश्रम में लगे मेले में मुजफ्फरनगर जिले के थाना जानसठ क्षेत्र के काठका गांव निवासी अबूर मौत के कुएं में बाइक चलाने का काम करता था। 26 सितंबर 2018 को अबूर शौच के लिए मेले के पीछे गया था, जहां तीन लोगों ने उसे घेर लिया और तमंचे से फायर कर दिया। घटना के दौरान उसकी चेन भी टूट गई थी।
इस मामले में अबूर की ओर से शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के नया ललवारा गांव निवासी अरकान, सैफनी निवासी सलीम और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने अरकान और सलीम के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने गवाह पेश किए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपियों को झूठा फंसाए जाने की दलील दी।
एडीजीसी ने बताया कि सुनवाई के बाद एडीजे द्वितीय डा. विजय कुमार की कोर्ट ने अरकान को दोषी मानते हुए 10 साल की कैद और 51 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई, जबकि दूसरे आरोपी सलीम को बरी कर दिया। एडीजीसी के अनुसार अरकान शाहबाद कोतवाली क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है।