रामपुर। जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस-सी के रोगियों को दवा मिलनी शुरू हो गई है। अस्पताल की मांग पर 62 हजार डोज दवा बंगलूरू से आ गई है। दवा उन रोगियों या उनके तीमारदारों की दी जा रही है, जो पिछले दिनों स्टॉक न होने से दवा से वंचित हो रहे थे। फिलहाल, अस्पताल में दवा आने के बाद हेपेटाइटिस-सी के रोगियों को राहत मिली है। बुधवार को हेपेटाइटिस-सी के रोगी भी काफी संख्या में अस्पताल आए और दवा ली।
सीएमएस डॉ. एचके मित्रा ने बताया कि काफी प्रयास के बाद अस्पताल में हेपेटाइटिस-सी की दवा आ सकी है। जितनी डोज दवा की मांग की थी, उतनी मात्रा में मिल भी गई है। इसलिए अब रोगियों के इलाज का क्रम नहीं गड़बड़ाएगा। 62 हजार की डोज की आपूर्ति जिला अस्पताल में हो गई है। अब इसके मरीज अस्पताल में आने लगे हैं और उनको दवा वितरित की जा रही है। सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में डोज आ गई है और मरीजों को मुहैया कराई जाने लगी है।
आपको बता दें कि जिला अस्पताल ने कुछ समय पहले भी हेपेटाइटिस सी की 62 हजार डोज दवाई की डिमांड भेजी थी। जबकि 7000 हजार डोज दवा आई थी। चंद मरीजों को ही दवा मिल सकी थी। इसके बाद लोग दवा न मिलने पर मेडिकल स्टोर तक दौड़ लगा रहे थे। निजी मेडिकल से महंगे रेट पर दवा खरीद रहे थे। गरीब तबके के लोग सरकारी दवा पर आश्रित रहते हैं, ऐसे में वह लोग भी काफी परेशानी झेल रहे थे। ऐसे में कई बार सीएमएस और चिकित्सकों से भी मरीजों के लिए दवा के बारे में पूछा तो उन्होंने आश्वासन दे दिया था। इसके बाद अभी कुछ दिन पहले सीएमएस डॉ. एचके मित्रा ने दोबारा से निदेशालय को डिमांड भेजी थी।
इधर, चिकित्सक डॉ. राजीव राजपाल ने बताया कि इलाज में क्रम टूटने से फर्क नहीं पड़ता। जब दवा आती है तो दोबारा से इलाज शुरू हो जाता है।