रामपुर। स्वार विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र और दो पासपोर्ट के मामले में शनिवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें दो जन्म प्रमाणपत्र के मुकदमे में सपा नेता आजम खां भी आरोपी हैं। लिहाजा, सीतापुर जेल से एक दिन पूर्व रिहा होने के बाद वह अब्दुल्ला आजम के साथ कोर्ट पहुंच गए। इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पासपोर्ट मामले के गवाह से जिरह की। उनकी जिरह पूरी नहीं हो सकी है। अब जन्म प्रमाणपत्र के मामले में 26 मई और पासपोर्ट के मामले में 30 मई को सुनवाई होगी।
वर्ष 2019 में भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने गंज और सिविल लाइंस थाने में मुकदमे दर्ज कराए थे। जिसमें जन्म प्रमाणपत्र के मामले में थाना गंज में मुकदमा दर्ज हुआ है। इस मुकदमे में सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम को आरोपी बनाया गया था जबकि, सिविल लाइंस थाने में दर्ज दो पासपोर्ट के मामले में सिर्फ अब्दुल्ला आजम को आरोपी बनाया है। दोनों ही मुकदमों की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है।
शनिवार को दोनों ही मामलों में सुनवाई हुई। इस दौरान सपा नेता आजम खां अपने पुत्र अब्दुल्ला आजम के साथ कोर्ट पहुंच गए। कोर्ट में पासपोर्ट मामले के गवाह क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी मोहम्मद नसीम से बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जिरह की। उनकी जिरह पूरी नहीं हो सकी है। इस दौरान आजम खां और अब्दुल्ला आजम मजिस्ट्रेट कोर्ट में करीब 25 मिनट तक मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कोर्ट की कार्रवाई को ध्यान से सुना। अब जन्म प्रमाणपत्र के मामले में 26 मई और पासपोर्ट के मामले में 30 मई को सुनवाई होगी। इस दौरान मुकदमे के वादी आकाश सक्सेना भी कोर्ट में मौजूद रहे।