सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर आतंकी हमले के मामले में शनिवार को गवाह के तौर पर मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव जवाहर लाल को गवाही देने पहुंचना था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। इसके कारण उनकी गवाही नहीं हो सकी। लिहाजा इस मामले की सुनवाई टल गई।
31 दिसंबर 2007 की रात में सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हुए आतंकी हमले में सात जवान शहीद हो गए थे, जबकि एक रिक्शा चालक की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस और एटीएस की टीम ने हमले के चालीस दिन बाद पाकिस्तानी आतंकियों समेत आठ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की इन दिनों सुनवाई चल रही है।
शनिवार को मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान पुलिस ने बरेली और लखनऊ जेल में बंद सभी आरोपियों जंगबहादुर, शरीफ, गुलाब खां, कौसर खां समेत आठ को कोर्ट में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पेश किया। इस दौरान अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता दलविंदर सिंह ने प्रार्थना पत्र दिया कि जिसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव जवाहर लाल को इस मामले में गवाह के तौर पर पेश होना था,लेकिन वह शासकीय कार्यों में व्यस्त हैं, जिसकी वजह से नहीं आ सके हैं।
अभियोजन के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए एडीजे प्रथम राजेंद्र कुमार ने सुनवाई के लिए 18मई की तारीख निश्चित की है।