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Rampur News: प्रेमिका के परिजनों को फंसाने के लिए रचा खुद के अपहरण का झूठा नाटक

Thu, 09 Apr 2026 12:20 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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रामपुर। प्रेमिका के परिजनों को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए युवक ने दोस्त के साथ मिलकर अपने ही अपहरण की योजना बनाई और यूपी-112 पर फर्जी सूचना दी। परिजनों से दो लाख फिरौती भी मांगी। पुलिस ने तकनीक का उपयोग करते हुए उनकी साजिश का पर्दाफाश कर दिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही दोनों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचकर अपने अपहरण की झूठी कहानी बनाकर परिवारजनों से फिरौती की मांग करने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की है।
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एसपी सोमेंद्र मीणा ने बताया कि थाना स्वार में एक अप्रैल को मो. हाशिम के पिता ने शिकायत दी थी कि उनका पुत्र 31 मार्च की रात बिना बताए कहीं चला गया है। इस पर गुमशुदगी दर्ज की गई थी। पुलिस ने सात अप्रैल को हाशिम को टोल प्लाजा दलपतपुर मुरादाबाद से बरामद किया।
पूछताछ में हाशिम ने बताया कि उसका तीन साल से एक लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लड़की के परिजन शादी को तैयार नहीं थे। दबाव बनाने पर उन्होंने पुलिस कार्रवाई की बात कही। इस पर हाशिम ने साथी रेहान के साथ मिलकर 31 मार्च को यूपी-112 पर झूठी सूचना दी कि कुछ लोग हथियार लेकर उसका पीछा कर रहे हैं। बाद में परिजनों को अपहरण की बात कहते हुए व्हाट्सएप ऑडियो व मैसेज कर फिरौती मांगी।
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पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मो. हाशिम निवासी अलीनगर जागीर व रेहान निवासी अलीनगर उत्तरी शामिल हैं।



ऐसे शक हुआ पुलिस को
हाशिम ने अपने अपहरण का प्लान पहले से ही बना लिया था। हाशिम का दोस्त रेहान पुणे में कारपेंटर का काम करता है। 30 मार्च को रेहान घर आया था। 31 मार्च को हाशिम ने रात करीब 10 बजे 112 नंबर पर सूचना दी कि उसे कुछ लोग गाड़ी में डालकर ले जा रहे हैं। 112 की टीम बताए स्थान पर काफी दूरी तक भी गई। इसके बाद रात 12 बजे व्हाट्सएप से परिवार वालों को मैसेज आया। इसमें भी अपहरण की बात कही गई थी। पुलिस को शक हुआ कि जब अपहरण हुआ तो अपहरणकर्ताओं ने मोबाइल क्यों नहीं लिया।
इसके बाद हाशिम ने एक फर्जी सिम लेकर व्हाट्सएप से अपने परिवार से दो लाख रुपये फिरौती मांगी और वीडियो बनाकर भी डाले। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि माेबाइल पुणे से चल रहा है। वीडियो में लकड़ी के गुटके दिखाई दिए। लकड़ी का काम पुणे में हाशिम का दोस्त रेहान करता है। रेहान स्वार आया भी था। इसके बाद पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए पुणे जाने वाली थी। तभी मोबाइल ट्रैकिंग से पता चला कि दोनों दिल्ली-गोवा एक्सप्रेस से दिल्ली आ रहे हैं। पुलिस मोबाइल ट्रैक करती रही। इसके बाद ये टैक्सी से रामपुर के लिए चले। इस दौरान पुलिस ने मुरादाबाद के पास दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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